
— RI News Desk | 17 अप्रैल 2026
वेदांता प्लांट ब्लास्ट छत्तीसगढ़ 2026 ने पूरे देश को झकझोर दिया है। सक्ती जिले के सिंहितराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में 20 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इस हादसे के बाद अब कंपनी प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे हुआ यह भीषण हादसा
प्रारंभिक जांच के अनुसार, प्लांट के यूनिट-1 में हाई प्रेशर बॉयलर में अचानक विस्फोट हुआ। बताया जा रहा है कि अत्यधिक दबाव और तापमान (करीब 600 डिग्री सेल्सियस) के कारण स्टील ट्यूब फट गया, जिससे तेज गर्म भाप और आग की चपेट में मजदूर आ गए। उस समय कई कर्मचारी मेंटेनेंस और अन्य कार्यों में लगे थे।
पुलिस की कार्रवाई, FIR दर्ज
घटना के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड और अन्य अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपों में गैर इरादतन हत्या, मशीनरी में लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की धाराएं शामिल हैं।
लापरवाही पर उठे सवाल
जांच में शुरुआती तौर पर यह सामने आया है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों का पालन ठीक से नहीं किया गया था। मजदूरों के परिवारों का आरोप है कि पहले भी कई बार सुरक्षा को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।
कंपनी का बयान और मुआवजा
वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और सहायता की घोषणा की है। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद और नौकरी देने का आश्वासन दिया है।
आगे क्या होगा?
यह हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गया है। जांच जारी है और प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है। सभी की नजर इस बात पर है कि क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
