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Kolkata EVM Fire 2026: सरकारी बिल्डिंग में आग से 4 हजार EVM नष्ट, साजिश की आशंका पर जांच शुरू - Uncategorized

कोलकाता, 12 जून 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक सरकारी भवन में लगी भीषण आग के बाद करीब 4 हजार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) नष्ट हो गईं। इन मशीनों का उपयोग राज्य की 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव के दौरान किया गया था। घटना के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है और विभिन्न दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है。

मुख्य बातें

  • कोलकाता की सरकारी इमारत में लगी भीषण आग में लगभग 4 हजार EVM नष्ट हुईं।
  • मशीनों का उपयोग 10 विधानसभा सीटों पर किया गया था।
  • TMC, कांग्रेस और AAP ने घटना पर सवाल उठाए।
  • राज्य मंत्री ने साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया।
  • FIR दर्ज कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

आग दक्षिण 24 परगना जिला परिषद सहित कई सरकारी कार्यालयों वाले बहुमंजिला भवन में लगी। दमकल विभाग को आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने में लगभग 24 घंटे का समय लगा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग में हजारों कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और VVPAT मशीनें प्रभावित हुई हैं।

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर EVM का नष्ट होना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ाता है।

TMC का दावा

TMC के अनुसार आग में लगभग 4 हजार कंट्रोल यूनिट, 4 हजार बैलेट यूनिट और 4 हजार VVPAT मशीनें नष्ट हुईं। पार्टी ने कहा कि ये मशीनें कस्बा, जादवपुर, बेहाला ईस्ट, बेहाला वेस्ट, मेटियाबुरुज, सतगछिया और डायमंड हार्बर क्षेत्र की विधानसभा सीटों से संबंधित थीं।

पार्टी ने घटना को रहस्यमय बताते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने पूछा कि आग आखिर कैसे लगी और इतनी तेजी से भवन की ऊपरी मंजिलों तक कैसे पहुंच गई। वहीं आम आदमी पार्टी ने सवाल किया कि एक सरकारी भवन में इतनी बड़ी मात्रा में EVM आग की चपेट में कैसे आ गईं।

मंत्री ने जताई साजिश की आशंका

दमकल एवं आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने बताया कि आग सबसे पहले दूसरी और तीसरी मंजिल पर दिखाई दी थी। इसके बाद यह सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं मंजिल तक पहुंच गई।

उन्होंने कहा कि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। मंत्री ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, लेकिन साजिश की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

FIR दर्ज, जांच शुरू

दक्षिण 24 परगना प्रशासन की शिकायत पर अलीपुर थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आग शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से लगी थी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि घटना दुर्घटना थी या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा।

विश्लेषण

भारत में EVM चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि चुनाव के बाद मशीनों को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखा जाता है, लेकिन हजारों मशीनों का एक साथ नष्ट होना प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

राजनीतिक दलों के आरोपों और जवाबी आरोपों के बीच यह मामला तकनीकी से अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर चुका है। जांच रिपोर्ट आने तक विभिन्न दावों की पुष्टि संभव नहीं है।

कारण

  • संभावित शॉर्ट सर्किट या विद्युत खराबी।
  • अग्नि सुरक्षा प्रणाली में कमी।
  • भवन में ज्वलनशील सामग्री की मौजूदगी।
  • फॉरेंसिक जांच के आधार पर संभावित मानवीय हस्तक्षेप या साजिश।

प्रभाव

  • EVM भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
  • राजनीतिक दलों के बीच विवाद और तेज हो सकता है।
  • चुनाव आयोग पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा का दबाव बढ़ेगा।
  • संवेदनशील चुनावी उपकरणों के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था लागू हो सकती है।
  • सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की संभावना बढ़ी।

निष्कर्ष

कोलकाता की सरकारी इमारत में लगी आग केवल एक अग्निकांड नहीं बल्कि चुनावी व्यवस्था और प्रशासनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन गई है। फिलहाल घटना के वास्तविक कारणों का पता फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा, लेकिन यह घटना संवेदनशील सरकारी रिकॉर्ड और चुनावी उपकरणों की सुरक्षा को लेकर नई बहस जरूर खड़ी कर रही है।

— RI News Desk

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