
मनाली/लेह, 12 जून 2026: केंद्र सरकार ने सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग पर तीन नई टनल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। लगभग 15,550 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली ये सुरंगें हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के ऊंचे दर्रों के नीचे बनाई जाएंगी। परियोजना पूरी होने के बाद लद्दाख का सड़क संपर्क पूरे वर्ष बना रहेगा और भारी बर्फबारी के दौरान भी आवागमन बाधित नहीं होगा।
क्या है पूरा प्रोजेक्ट?
सरकार ने बारालाचा ला, लाचुंग ला और तंगलंग ला दर्रों के नीचे तीन आधुनिक सुरंगों के निर्माण को मंजूरी दी है। वर्तमान में सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण ये दर्रे कई महीनों तक बंद रहते हैं, जिससे मनाली-लेह मार्ग पर यातायात प्रभावित होता है। नई टनलों के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा?
- लद्दाख का पूरे साल सड़क संपर्क बना रहेगा।
- भारतीय सेना को सीमा क्षेत्रों तक रसद पहुंचाने में सुविधा होगी।
- पर्यटन उद्योग को बड़ा लाभ मिलेगा।
- स्थानीय व्यापार और परिवहन गतिविधियां तेज होंगी।
- यात्रा समय और मौसम संबंधी जोखिम कम होंगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
मनाली-लेह मार्ग भारतीय सेना के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक मार्ग माना जाता है। लद्दाख क्षेत्र में सैनिकों, उपकरणों और आवश्यक सामग्री की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। पूरे वर्ष सड़क संपर्क उपलब्ध होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य तैयारियां और अधिक मजबूत होंगी।
पर्यटन को मिलेगा नया प्रोत्साहन
लेह-लद्दाख भारत के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर वर्ष लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन सर्दियों में सड़क मार्ग बंद होने से पर्यटन प्रभावित होता है। टनल परियोजनाओं के बाद वर्षभर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
15,550 करोड़ रुपये की परियोजना से क्या बदलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुरंगों के निर्माण से मनाली-लेह हाईवे पर यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज होगी। बर्फबारी, हिमस्खलन और मौसम संबंधी बाधाओं का प्रभाव काफी कम हो जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और सेना को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य
केंद्र सरकार सीमा क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दे रही है। इससे पहले अटल टनल जैसी परियोजनाओं ने हिमालयी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। नई टनल परियोजनाएं भी इसी रणनीति का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य लद्दाख को हर मौसम में देश के बाकी हिस्सों से जोड़कर रखना है।
निष्कर्ष
मनाली-लेह टनल प्रोजेक्ट 2026 केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन है। परियोजना पूरी होने के बाद लद्दाख का पूरे साल सड़क संपर्क सुनिश्चित हो सकेगा और रणनीतिक दृष्टि से भारत को बड़ा लाभ मिलेगा।
— RI News Desk



