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अहमदाबाद, 12 जून 2026: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन हादसे की जांच अभी भी जारी है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन मानकों के अनुसार जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान जांच टीम ने विमान के सिस्टम, ब्लैक बॉक्स डेटा, इंजन के पुर्जों और परिचालन रिकॉर्ड का विस्तृत विश्लेषण किया है। एजेंसी के अनुसार जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनकी तकनीकी समीक्षा जारी है।

260 लोगों की हुई थी मौत

12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 टेक-ऑफ के तुरंत बाद मेघानीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार यात्रियों और जमीन पर मौजूद लोगों सहित कुल 260 लोगों की जान गई थी।

दुर्घटना के समय हॉस्टल में 50 से 60 इंटर्न डॉक्टर मौजूद थे। विमान के टकराने से हॉस्टल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

श्रद्धांजलि सभा में भावुक हुए परिजन

हादसे की पहली बरसी पर दुर्घटनास्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मृतकों के परिजन अपने प्रियजनों की तस्वीरें लेकर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कई लोग तस्वीरें देखकर भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बेटी राधिका रूपाणी ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर स्मृति स्वरूप पौधारोपण किया।

हादसे के निशान अब भी मौजूद

एक वर्ष बीत जाने के बावजूद बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल परिसर में उस भीषण त्रासदी के निशान पूरी तरह मिट नहीं पाए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर विमान का मलबा और शव मिले थे, वहां आज भी दुर्घटना की यादें ताजा हो जाती हैं।

कई परिवार अभी भी मानसिक आघात से उबर नहीं पाए हैं। कुछ लोग हवाई यात्रा करने से डरते हैं, जबकि कई प्रभावित परिवार मनोवैज्ञानिक परामर्श और काउंसलिंग की सहायता ले रहे हैं।

96% परिवारों को मिला अंतरिम मुआवजा

एयर इंडिया ने बताया कि हादसे से प्रभावित 96 प्रतिशत परिवारों को 25-25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा प्रदान किया जा चुका है। जिन मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया अधूरी है या पारिवारिक विवाद हैं, वहां भुगतान लंबित है।

जमीन पर घायल हुए 94 प्रतिशत लोगों को भी मुआवजा दिया जा चुका है। शेष मामलों में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भुगतान किया जाएगा।

टाटा संस ने बनाया वेलफेयर ट्रस्ट

टाटा संस ने AI-171 हादसे से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए विशेष “AI171 Memorial and Welfare Trust” की स्थापना की है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि का भुगतान 91 प्रतिशत परिवारों को किया जा चुका है।

105 करोड़ रुपये से बनेगा नया हॉस्टल

गुजरात सरकार ने दुर्घटना में क्षतिग्रस्त मेडिकल हॉस्टल की जगह नया आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्टल बनाने का निर्णय लिया है। असरवा स्थित न्यू मेंटल कैंपस में लगभग 105 करोड़ रुपये की लागत से 9 मंजिला हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था होगी।

प्रभाव

अहमदाबाद विमान दुर्घटना भारत के नागरिक उड्डयन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक रही है। जांच रिपोर्ट का इंतजार केवल मृतकों के परिवारों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे विमानन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जा सकेगा।

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