Stock Market Crash 2026: US-Iran तनाव से Sensex 1352 अंक टूटा, Nifty 24,028 पर बंद

मुंबई, 9 मार्च 2026।

वैश्विक स्तर पर बढ़ते US-Iran तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पूरे दिन बाजार में घबराहट का माहौल बना रहा और निवेशकों ने बड़े पैमाने पर बिकवाली की।

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट का संकेतStock Market Crash 2026
US-Iran तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन को बाजार विशेषज्ञों ने “Manic Monday” करार दिया, क्योंकि कारोबार के दौरान Sensex में 2000 अंक से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि अंतिम घंटे में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन बाजार फिर भी भारी नुकसान के साथ बंद हुआ।


बाजार के प्रमुख आंकड़े

दिन के अंत में BSE Sensex 1,352.74 अंक यानी 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ।
वहीं NSE Nifty 50 422.40 अंक यानी 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ।

बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। Bank Nifty लगभग 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 56,019.80 पर बंद हुआ।

इस बीच बाजार के डर को मापने वाला India VIX (फियर इंडेक्स) 17-18 प्रतिशत तक उछल गया, जिससे बाजार में अस्थिरता काफी बढ़ गई।

विशेषज्ञों के अनुसार आज की गिरावट से निवेशकों की करीब 8 से 12 लाख करोड़ रुपये की मार्केट कैपिटलाइजेशन घट गई।


गिरावट के मुख्य कारण

विश्लेषकों के अनुसार बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई

तेल की कीमत बढ़ने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है।

इसके अलावा एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का KOSPI भी दबाव में रहे, जिससे भारतीय बाजारों में निवेशकों की धारणा कमजोर हुई।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।


किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा गिरावट

सोमवार के कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग, एयरलाइन और ऑटो सेक्टर में देखी गई।

प्रमुख निजी और सरकारी बैंक जैसे SBI और ICICI Bank के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

एयरलाइन कंपनियों के शेयरों पर कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर पड़ा। IndiGo का शेयर लगभग 8 प्रतिशत तक गिर गया, क्योंकि तेल महंगा होने से एविएशन कंपनियों की लागत बढ़ जाती है।

इसके अलावा PSU बैंक और ऑटो कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे।


कौन से शेयर रहे मजबूत

हालांकि भारी गिरावट के बीच कुछ सेक्टरों ने बेहतर प्रदर्शन भी किया।

डिफेंस और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखी गई।

फार्मा कंपनी Emcure Pharma का शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया, जबकि कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों जैसे Reliance Industries में अंतिम घंटे में रिकवरी देखने को मिली।


आगे क्या रहेगा बाजार का रुख

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक क्रूड ऑयल की कीमतों और मिडिल ईस्ट की भू-राजनीतिक स्थिति पर निर्भर करेगी।

यदि कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय बाजारों पर दबाव जारी रह सकता है।

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार Nifty के लिए 24,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर सूचकांक इसके नीचे स्थिर रहता है, तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

हालांकि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होता है और तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो बाजार में शॉर्ट-टर्म रिकवरी या pullback भी संभव है।


RI News विश्लेषण

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिम और तेल की कीमतों के झटके के कारण है।

भारत जैसे उभरते बाजारों में इस तरह की परिस्थितियों में निवेशकों की सतर्कता बढ़ जाती है। इसलिए आने वाले दिनों में निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए और वैश्विक घटनाओं पर करीबी नजर रखनी होगी।


— Saranash Kumar | National & Business Correspondent, Lucknow

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