मुहम्मदाबाद यूसुफपुर/सैदपुर (RiNews ब्यूरो): उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से प्रशासनिक उत्पीड़न और विभागीय तानाशाही का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के मुरादचक में बिजली विभाग और विजिलेंस टीम की कथित प्रताड़ना व भारी-भरकम जुर्माने से तंग आकर एक पान विक्रेता सुरेंद्र कश्यप ने जहर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक के बेटे की तहरीर पर विजिलेंस के जेई दीपक कुमार, एसआई उदयभान और हेड कांस्टेबल कैलाश भारती सहित अन्य के खिलाफ संगीन धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। वहीं, वसूली के लिए अनुचित दबाव बनाने वाले अमीन संतोष को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
६५ हजार का जुर्माना और फिर १.१२ लाख की आरसी: कैसे टूट गया एक मजबूर पिता?
सैदपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक के पुत्र शुभम कश्यप ने पुलिस को दी गई तहरीर में बिजली विभाग की पूरी क्रूरता का ब्योरा दिया है। शुभम ने बताया कि सितंबर-अक्टूबर 2025 में विजिलेंस के जेई दीपक कुमार, एसआई उदयभान और हेड कांस्टेबल कैलाश भारती ने उनके आवास पर आकर महज 1 किलोवाट के कनेक्शन की जांच की थी। टीम ने गलत ढंग से बिजली उपयोग का आरोप मढ़ते हुए सीधे 65,190 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया।
आर्थिक तंगी और बेहद कमजोर माली हालत के चलते पीड़ित परिवार यह रकम समय पर जमा नहीं कर सका। इसी बीच बिजली विभाग ने क्रूरता की हदें पार करते हुए सुरेंद्र कश्यप के नाम पर 1,12,225 रुपये की राजस्व वसूली (RC) जारी कर दी। इस आरसी की बेरहम वसूली के लिए सैदपुर तहसील में तैनात अमीन संतोष लगातार पीड़ित के घर आकर मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित कर रहा था। इस लगातार बढ़ रहे सामाजिक और आर्थिक दबाव को सुरेंद्र कश्यप बर्दाश्त नहीं कर सके और 15 जून की सुबह करीब 7 बजे उन्होंने विषाक्त पदार्थ खा लिया, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
⚖️ RiNews इम्पैक्ट रिपोर्ट: शासन की नींद खुली, अब बदले नियम
इस हृदयविदारक घटना का संज्ञान सीधे लखनऊ शासन स्तर से लिया गया, जिसके बाद गाजीपुर जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आया:
- अमीन सस्पेंड: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने प्राथमिक जांच में अवैध दबाव और मानसिक प्रताड़ना की पुष्टि होने पर अमीन संतोष को फौरन सस्पेंड कर दिया है।
- विजिलेंस की छापेमारी पर रोक: जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए बिजली निगम को निर्देश दिया है कि अब से 1 से 3 किलोवाट तक के छोटे घरेलू उपभोक्ताओं के यहाँ बिना मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के कोई भी विजिलेंस टीम छापा नहीं मार सकेगी।
- आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार में दो नाबालिग बेटियां हैं जिनकी शादी और भरण-पोषण के संकट को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी है। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत अतिरिक्त मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
सवालों के घेरे में विजिलेंस: छोटे उपभोक्ताओं पर ही क्यों चलती है चाबुक?
RiNews की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि गाजीपुर सहित पूरे पूर्वांचल में बिजली विभाग और विजिलेंस की टीमें बड़े बकायेदारों और रसूखदारों पर हाथ डालने के बजाय महज 1 किलोवाट का कनेक्शन चलाने वाले रेहड़ी-पटरी दुकानदारों और गरीब किसानों को अपना आसान शिकार बनाती हैं। आम जनता द्वारा पूर्व में भी विजिलेंस टीम पर अवैध वसूली और डराने-धमकाने की कई लिखित शिकायतें की जा चुकी थीं, लेकिन प्रशासन ने तब तक सुध नहीं ली जब तक कि एक मजबूर पिता को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ी।
सैदपुर एसडीएम ज्योति चौरसिया ने बताया कि तहसील स्तर पर अमीन के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई पूरी कर ली गई है और पुलिस नामजद अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की गहराई से कानूनी छानबीन कर रही है।
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स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 18 Jun 2026 को 01:19 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश




