— RI News Desk
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को लोक लेखा समिति (PAC) के अध्यक्ष पद को लेकर बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद पहले से ही आंतरिक संघर्ष से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दोनों गुट इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं। हाल के दिनों में पार्टी के भीतर बढ़ी बगावत और नेतृत्व विवाद ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
पीएसी अध्यक्ष पद पर सियासी घमासान
विधानसभा में पीएसी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ दल के भीतर ही दो अलग-अलग खेमों के सक्रिय होने से यह मुकाबला सामान्य प्रक्रिया से कहीं अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों गुट अपने-अपने समर्थन का दावा कर रहे हैं और विधानसभा के भीतर संख्या बल दिखाने की तैयारी में हैं।
टीएमसी के भीतर बढ़ी खींचतान
हाल के महीनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर मतभेद लगातार सामने आए हैं। पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों ने सार्वजनिक रूप से असहमति जताई है, जबकि नेतृत्व समर्थक गुट इसे अनुशासनहीनता करार दे रहा है। इसी पृष्ठभूमि में पीएसी अध्यक्ष पद का चुनाव अहम माना जा रहा है।
संख्या बल की होगी परीक्षा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल एक समिति के अध्यक्ष के चयन तक सीमित नहीं है। इसके जरिए विधानसभा में दोनों गुटों की वास्तविक ताकत और समर्थन का भी आकलन होगा। यदि किसी गुट को अपेक्षा से अधिक समर्थन मिलता है तो इसका असर भविष्य की राजनीतिक रणनीतियों पर पड़ सकता है।
विधानसभा सत्र पर टिकी निगाहें
मंगलवार को होने वाली कार्यवाही पर राजनीतिक दलों और पर्यवेक्षकों की विशेष नजर है। विधानसभा के भीतर होने वाली गतिविधियां आने वाले दिनों की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
भाजपा और अन्य दल भी सक्रिय
राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। विपक्ष का मानना है कि सत्तारूढ़ दल के भीतर जारी खींचतान का असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है। अन्य दल भी विधानसभा की कार्यवाही और संभावित परिणामों का इंतजार कर रहे हैं।
आगे की राजनीति पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों के अनुसार पीएसी अध्यक्ष पद को लेकर होने वाला यह शक्ति प्रदर्शन केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं और विभिन्न दलों की रणनीतियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल विधानसभा में पीएसी अध्यक्ष पद का चुनाव इस बार विशेष महत्व रखता है। टीएमसी के दोनों गुटों के बीच शक्ति प्रदर्शन की स्थिति ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। अब सभी की नजर विधानसभा की कार्यवाही और उसके नतीजों पर टिकी हुई है, जो राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।
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अभी शॉप करेंस्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 23 Jun 2026 को 10:52 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



