कहते हैं कि अगर कोई कड़वी बात दिल को छू जाए, तो वह इंसान के भीतर सोए हुए संकल्प को जगा देती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया बिहार के सिवान के रहने वाले मोहिबुल्लाह अंसारी ने। कभी स्कूल के दिनों में पढ़ाई से कोसों दूर रहने और दोस्तों के बीच ‘मुसीबत’ के नाम से मशहूर होने वाले मोहिबुल्लाह आज देश के प्रतिष्ठित पुलिस बल में एक जांबाज IPS अधिकारी हैं। लेकिन उनकी यह यात्रा आसान नहीं थी, इसकी शुरुआत पिता के एक तीखे ताने से हुई थी।
जब क्लासमेट्स बुलाते थे ‘मुसीबतउल्लाह’
मोहिबुल्लाह अंसारी का शुरुआती जीवन पढ़ाई के मामले में काफी साधारण और शरारतों से भरा था। बिहार के सिवान जिले के रहने वाले मोहिबुल्लाह स्कूल के दिनों में किताबों से ज्यादा ध्यान मौज-मस्ती पर देते थे। उनकी इन आदतों की वजह से क्लास के सहपाठी मजाक में उन्हें ‘मुसीबतउल्लाह’ कहकर पुकारते थे, क्योंकि वह अक्सर किसी न किसी परेशानी या शरारत में घिरे रहते थे। पढ़ाई के प्रति इसी लापरवाही के कारण उन्हें अक्सर घर पर माता-पिता की डांट का सामना भी करना पड़ता था।
10वीं-12वीं के प्री-बोर्ड में हुए फेल, पिता ने कहा- ‘पास होकर तो दिखाओ’
लापरवाही का असर उनके अकादमिक प्रदर्शन पर भी दिखने लगा। मोहिबुल्लाह अपनी 10वीं और 12वीं दोनों ही कक्षाओं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं में फेल हो गए। इस असफलता के बाद परिवार और रिश्तेदारों के बीच उनकी भारी आलोचना हुई। एक तरफ मोहिबुल्लाह देश के सबसे कठिन इंजीनियरिंग एग्जाम IIT में जाने का सपना देख रहे थे, तो दूसरी तरफ उनकी रिपोर्ट कार्ड देख उनके पिता का धैर्य जवाब दे गया।
उनके पिता ने तंज कसते हुए कहा, “तुम बड़े-बड़े सपने देख रहे हो, पहले स्कूल की परीक्षा में पास होने लायक नंबर तो लेकर आओ।” पिता की यही बात मोहिबुल्लाह के दिल में चुभ गई। उन्हें अहसास हुआ कि जब वह स्कूल लेवल की परीक्षा पास नहीं कर पा रहे हैं, तो उनका परिवार उनके भविष्य को लेकर कितना चिंतित होगा।
सफलता का मंत्र“जब अपने करीबियों के ताने आपको तोड़ने के बजाय कुछ बड़ा करने की जिद बन जाएं, तो कामयाबी का रास्ता खुद-ब-खुद साफ हो जाता है।”
पिता के ताने को बनाया ताकत, पहले IIT और फिर UPSC में गाड़े झंडे
पिता की डांट ने मोहिबुल्लाह के भीतर एक टर्निंग पॉइंट का काम किया। उन्होंने अपनी सारी शरारतें छोड़ दीं और खुद को पूरी तरह से कड़े अनुशासन और फोकस के साथ पढ़ाई में झोंक दिया। उनकी इस बेजोड़ मेहनत का नतीजा यह निकला कि उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक IIT-JEE को न सिर्फ पास किया, बल्कि शानदार रैंक हासिल की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी मोहिबुल्लाह का सफर थमा नहीं। उनका लक्ष्य अब देश की प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज में बदलाव लाना था। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी शुरू की। अपनी निरंतरता और अटूट फोकस के बल पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा भी क्रैक कर ली और एक IPS अधिकारी बनकर अपने पिता के उस ताने का कर्ज गर्व के साथ चुकाया।
युवाओं के लिए प्रेरणा है यह सफर
IPS मोहिबुल्लाह अंसारी की यह कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि आपकी पिछली असफलताएं यह तय नहीं करतीं कि आपका भविष्य क्या होगा। अगर आप अपनी गलतियों को स्वीकार कर सही समय पर सही दिशा में कड़ी मेहनत करने का फैसला कर लें, तो प्री-बोर्ड में फेल होने वाला छात्र भी देश का शीर्ष पुलिस अधिकारी बन सकता है।
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अभी शॉप करेंस्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 24 Jun 2026 को 10:45 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश




