खोजें लोड हो रहा है...
राष्ट्रीय डिजिटल समाचार मंच
ACADEMY
BREAKING
चीनी खाते ही शरीर में शुरू हो जाते हैं ये 10 बदलाव, ज्यादातर लोगों को नहीं होती जानकारी भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित: 62 हजार टन LNG लेकर ‘दिशा’ जहाज होर्मुज पार, सरकार ने अफवाहों से बचने की दी सलाह समुद्र के नीचे ज्वालामुखी विस्फोट से तैरते पत्थरों का सैलाब, पापुआ न्यू गिनी के कई द्वीप प्रभावित भारत ए पर 10 रन की पेनल्टी, श्रीलंका ए को मिला बड़ा फायदा; रोमांचक मुकाबले में नियम उल्लंघन पड़ा भारी UPSC GS Paper Q & A: यूपीएससी परीक्षा में कैसे सवाल पूछे जाते हैं? जानिए इतिहास, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न Italy Government Scholarship 2026: भारतीय छात्रों को इटली में पढ़ने का सुनहरा मौका, मिल रही ₹17.50 लाख तक की स्कॉलरशिप चीनी खाते ही शरीर में शुरू हो जाते हैं ये 10 बदलाव, ज्यादातर लोगों को नहीं होती जानकारी भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित: 62 हजार टन LNG लेकर ‘दिशा’ जहाज होर्मुज पार, सरकार ने अफवाहों से बचने की दी सलाह समुद्र के नीचे ज्वालामुखी विस्फोट से तैरते पत्थरों का सैलाब, पापुआ न्यू गिनी के कई द्वीप प्रभावित भारत ए पर 10 रन की पेनल्टी, श्रीलंका ए को मिला बड़ा फायदा; रोमांचक मुकाबले में नियम उल्लंघन पड़ा भारी UPSC GS Paper Q & A: यूपीएससी परीक्षा में कैसे सवाल पूछे जाते हैं? जानिए इतिहास, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न Italy Government Scholarship 2026: भारतीय छात्रों को इटली में पढ़ने का सुनहरा मौका, मिल रही ₹17.50 लाख तक की स्कॉलरशिप
×

UP SI भर्ती विवाद 2026: प्रश्न पत्र में ‘पंडित’ विकल्प पर बवाल, जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस SI भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थी परीक्षा देते हुए
उत्तर प्रदेश में SI (दरोगा) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर विवाद खड़ा हो गया।

— Saranash Kumar | National & Business Correspondent, Lucknow

उत्तर प्रदेश में SI (दरोगा) भर्ती परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा के एक प्रश्न के विकल्प में ‘पंडित’ शब्द आने पर कई संगठनों और अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है।

विवाद कैसे शुरू हुआ

बताया जा रहा है कि प्रश्न पत्र में एक सवाल में ‘पंडित’ शब्द को एक विकल्प के रूप में दिया गया था। कुछ अभ्यर्थियों और संगठनों ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इससे एक समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं। इसके बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी समुदाय या आस्था पर टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि प्रश्न पत्र में कोई आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और मामले की जांच कराई जाएगी।

सोशल मीडिया पर बहस

जैसे ही यह सवाल सामने आया, सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस शुरू हो गई। कई अभ्यर्थियों और संगठनों ने भर्ती बोर्ड से स्पष्टीकरण की मांग की है।

विश्लेषण

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार करते समय भाषा और शब्दों के चयन में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। किसी भी शब्द का सामाजिक या सांस्कृतिक संदर्भ विवाद पैदा कर सकता है। इसलिए प्रश्न पत्र निर्माण की प्रक्रिया में अतिरिक्त समीक्षा और विशेषज्ञों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

प्रभाव

यदि विवाद बढ़ता है तो भर्ती प्रक्रिया की जांच और प्रश्न पत्र की समीक्षा की जा सकती है। इससे भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

संबंधित खबर:

यूपी मौसम अपडेट 2026: कई जिलों में बारिश-ओले, बिजली गिरने से 2 मौत →


स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)

📅 प्रकाशित तिथि: 15 Mar 2026 को 06:10 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top