कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार सुबह बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने करीबी मंत्रियों और सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई। राज्य में पिछले कई दिनों से नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएँ तेज हैं और माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री बड़ा राजनीतिक संकेत दे सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस हाईकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने की संभावनाओं पर चर्चा की है। इससे यह अटकलें और तेज हो गई हैं कि राज्य में जल्द नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है।
राजनीतिक हलकों में उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
ब्रेकफास्ट मीटिंग पर टिकी नजरें
मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के दिनों में कांग्रेस नेतृत्व के भीतर सत्ता-संतुलन और भविष्य की रणनीति को लेकर कई दौर की चर्चाएँ हुई हैं। सूत्रों के अनुसार बैठक में राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक संतुलन और भविष्य की रणनीति पर विचार हो सकता है।
राज्यपाल के दौरे से भी बढ़ी चर्चा
इसी बीच कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का इंदौर दौरा भी चर्चा में है। हालांकि इसे आधिकारिक कार्यक्रम बताया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर संभव
विश्लेषकों का मानना है कि यदि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन होता है तो इसका असर केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा। यह कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति, दक्षिण भारत की राजनीति और आगामी लोकसभा चुनावों की तैयारियों से भी जुड़ा माना जा रहा है।
कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल कांग्रेस हाईकमान की ओर से कोई अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन आज की बैठकों और राजनीतिक गतिविधियों के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।
स्रोत:
- The Hindu
- PTI
- ANI
— RI News Desk
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 28 May 2026 को 08:57 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



