— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief
28 फरवरी 2026
चन्दनी पब्लिक स्कूल की विज्ञान प्रदर्शनी

विद्यालय केवल पाठ्यपुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होता, बल्कि वही स्थान होता है जहाँ जिज्ञासा आकार लेती है, कल्पना को दिशा मिलती है और भविष्य के वैज्ञानिक, अभियंता व विचारक तैयार होते हैं। इसी भावना को साकार करते हुए चन्दनी पब्लिक स्कूल में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी ‘आविष्कार’ ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि बच्चों को सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो उनकी सोच असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँच सकती है।
प्रदर्शनी के दिन विद्यालय परिसर में उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा साफ महसूस की जा सकती थी। कक्षाओं को छोटे-छोटे विज्ञान केंद्रों में बदला गया था, जहाँ हर मेज पर बच्चों की मेहनत, प्रयोगशीलता और कल्पनाशक्ति का जीवंत प्रदर्शन हो रहा था। विद्यार्थी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने मॉडल समझा रहे थे और आगंतुकों के प्रश्नों का तर्कसंगत उत्तर दे रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों में केवल विषय-ज्ञान ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना, तार्किक सोच और आत्मविश्वास को भी मजबूत करती हैं। विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों को रटने की संस्कृति से बाहर निकालकर “करके सीखने” की दिशा में प्रेरित करती है।
प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों की विविधता ने सभी को प्रभावित किया। वाटर मैनेजमेंट, एलिमेंट्री कैनाल और वर्किंग ऑफ वाटर प्रेशर जैसे मॉडल जल संरक्षण और उसके वैज्ञानिक उपयोग का संदेश दे रहे थे। गोबर गैस प्लांट, सोलर सिस्टम और वेस्ट मटेरियल से बिजली उत्पादन ने स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

आधुनिक तकनीक आधारित मॉडलों में रोबोटिक्स, सेंसर कार, स्मार्ट डस्टबिन और स्मार्ट हाउस विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। चंद्रयान और सोलर सिस्टम के मॉडल ने बच्चों को भारतीय वैज्ञानिक उपलब्धियों से जोड़ा। वहीं वॉल्केनो, एसिड रेन, कार्बन प्योरिफिकेशन और लॉ ऑफ रिफ्लेक्शन जैसे प्रयोगों ने विज्ञान के सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाने का सफल प्रयास किया।
भाषा, स्वास्थ्य और खेल जैसे विषयों को भी प्रदर्शनी में स्थान मिला। हिंदी व्याकरण मॉडल और इम्पोर्टेंस ऑफ इंग्लिश ने भाषा की उपयोगिता को रेखांकित किया। बीपी मशीन और शुगर जांच मॉडल ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई, जबकि वॉलीबॉल कोर्ट और टाइम मशीन जैसे मॉडल बच्चों की रचनात्मक सोच को दर्शाते नजर आए।
इसी अवसर पर विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का भी आयोजन किया गया। अभिभावकों ने न केवल अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली, बल्कि यह भी देखा कि उनके बच्चे किस तरह आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। कई अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ती हैं।
RI News विश्लेषण
विज्ञान प्रदर्शनी ‘आविष्कार’ यह स्पष्ट करती है कि यदि शिक्षा को प्रयोग और अनुभव से जोड़ा जाए, तो बच्चे विषय को गहराई से समझते हैं। यह आयोजन प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा और नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप है, जहाँ सीखना एक सक्रिय प्रक्रिया बन जाता है।
RI News प्रभाव
इस तरह की प्रदर्शनी का प्रभाव विद्यालय तक सीमित नहीं रहता। बच्चे पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और तकनीकी समझ का संदेश अपने परिवार और समाज तक ले जाते हैं, जिससे वैज्ञानिक सोच वाले नागरिकों के निर्माण की नींव पड़ती है।
RI News संपादकीय
आज जब शिक्षा अंकों की प्रतिस्पर्धा में सिमटती जा रही है, ऐसे आयोजनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ‘आविष्कार’ यह याद दिलाता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि जिज्ञासा, तर्क और नवाचार को विकसित करना है। यदि विद्यालय, शिक्षक और अभिभावक मिलकर ऐसे प्रयासों को निरंतर समर्थन दें, तो यही बच्चे कल के नवप्रवर्तक बनेंगे।
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 28 Feb 2026 को 06:32 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



