
Hormuz Strait Crisis 2026: ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष तेज, होर्मुज जलडमरूमध्य पर वैश्विक चिंता
पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब दिन 17 में प्रवेश कर चुका है। आज 16 मार्च 2026 को स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO सहित अन्य सहयोगी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने की मांग की है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर सहयोगी मदद नहीं करते, तो NATO का भविष्य “बहुत बुरा” हो सकता है। ईरान ने जवाब में कहा है कि जलडमरूमध्य “केवल दुश्मनों” के लिए बंद रहेगा।
मुख्य घटनाक्रम (16 मार्च 2026 तक):
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले से आग लगी, जिसके बाद उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं। UAE ने 6 मिसाइल और 21 ड्रोन को नष्ट किया।
सऊदी अरब में पूर्वी क्षेत्र में 37 ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने रोका।
इजरायल ने लेबनान में ग्राउंड हमले बढ़ाए, जहां मौतों की संख्या 850 पार हो गई।
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि युद्ध “कुछ हफ्तों” में खत्म हो सकता है, लेकिन ट्रंप ने ईरान से बातचीत की अफवाहों को खारिज किया।
चीन की अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित रिकवरी आई, लेकिन मिडिल ईस्ट तनाव से ग्लोबल ऑयल मार्केट प्रभावित।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व: यह जलडमरूमध्य दुनिया के 20-25% तेल व्यापार का रास्ता है। अगर ईरान इसे बंद करता है, तो ब्रेंट क्रूड ऑयल $105/बैरल से ऊपर चला गया है। भारत, जो अपनी 80% से ज्यादा तेल जरूरतें गल्फ से आयात करता है, सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।
भारत पर प्रभाव और विश्लेषण:
भारत ने कूटनीति से दो भारतीय क्रूड टैंकरों को फुजैराह (UAE) से सुरक्षित निकाला। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि ईरान के साथ कोई “गुप्त समझौता” नहीं है – हर जहाज को अलग-अलग डिप्लोमेसी से क्लियर किया जाता है। भारत की ईरान के साथ पुरानी साझेदारी (चाबहार पोर्ट, तेल व्यापार) यहां काम आ रही है।
इससे पहले भी RI News ने वैश्विक तनाव और युद्ध की संभावनाओं पर विस्तार से विश्लेषण प्रकाशित किया था। पूरी रिपोर्ट पढ़ें:
वैश्विक युद्ध संकट 2026: क्या दुनिया को बारूद के हवाले किया जा रहा है?
RI News Desk
स्रोत:
Reuters,
Al Jazeera,
Financial Times
