RI News Desk | 7 मार्च 2026
वेस्ट एशिया संघर्ष का भारत पर असर

वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने और रूसी तेल खरीद को लेकर राजनीतिक बहस ने देश में नई आर्थिक और कूटनीतिक चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं।
घरेलू LPG सिलेंडर ₹60 महंगा
खबर: तेल कंपनियों ने घरेलू नॉन-सब्सिडाइज्ड LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद दिल्ली में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़कर लगभग ₹913 हो गई है।
विश्लेषण: ऊर्जा बाजार में आई तेजी और वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव को इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण माना जा रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
प्रभाव: यदि क्षेत्रीय संघर्ष लंबा चलता है तो पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे घरेलू बजट और महंगाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
वेस्ट एशिया तनाव से 140 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित
खबर: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण भारत के कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर असर पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता से संचालित 140 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या प्रभावित हुई हैं।
विश्लेषण: भारत से यूरोप और पश्चिम एशिया जाने वाली कई उड़ानें इसी क्षेत्र के एयरस्पेस से गुजरती हैं। सुरक्षा कारणों और संभावित सैन्य गतिविधियों के चलते कई एयरलाइंस ने अपने रूट बदल दिए हैं या उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
प्रभाव: इससे यात्रियों को देरी, टिकट कीमतों में वृद्धि और लंबा यात्रा मार्ग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
रूसी तेल वेवर पर भारत में सियासी टकराव
खबर: अमेरिका द्वारा भारत को रूसी तेल खरीद पर 30 दिन का वेवर दिए जाने के मुद्दे पर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर सवाल बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की है।
विश्लेषण: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं, जबकि भाजपा का कहना है कि भारत ने अपनी कूटनीतिक संतुलन नीति के तहत राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी है।
प्रभाव: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच यह मुद्दा आने वाले समय में भारत की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?
विश्लेषण: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्ट एशिया क्षेत्र वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक बड़ा केंद्र है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य या राजनीतिक तनाव विश्व ऊर्जा बाजार को तुरंत प्रभावित करता है। भारत जैसे देशों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से संवेदनशील हो जाती है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत आयात करता है।
प्रभाव: यदि क्षेत्रीय संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो भारत में ईंधन, गैस और परिवहन लागत में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसका असर महंगाई दर, उद्योगों की लागत और आम लोगों के दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है।
भारत के सामने क्या चुनौतियाँ?
विश्लेषण: भारत को एक तरफ ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखनी है और दूसरी तरफ वैश्विक कूटनीतिक संतुलन भी बनाए रखना है। रूस से सस्ता तेल खरीदने की रणनीति भारत के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी रही है, लेकिन पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और दबाव के कारण इस नीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है।
प्रभाव: विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में भारत को अपनी ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों को और विविध बनाना पड़ सकता है, ताकि वैश्विक संकट का असर घरेलू बाजार पर कम से कम पड़े।
स्रोत: The Hindu, PTI, ANI
