Byline: — RI News | ANI
Publish Date: 22 February 2026

Indore Congress office where BJP and Congress workers clashed during protest.
क्या है पूरा मामला
इंदौर (मध्य प्रदेश), 22 फरवरी (ANI): शनिवार को इंदौर में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसमें पथराव हुआ और कई लोग घायल हो गए। इस मामले में पंधरनाथ पुलिस थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस ने 20 नामजद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े शामिल हैं। आरोपों में दंगा और छेड़छाड़ जैसी धाराएँ लगाई गई हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से भी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज की एफआईआर दर्ज कराई गई है।

Police and protesters during stone-pelting incident at Machhi Bazaar, Indore.
एफआईआर में क्या कहा गया
एफआईआर के अनुसार, यह हिंसक झड़प मछी बाजार क्षेत्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई। BJYM कार्यकर्ता अवेश राठौर की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि BJYM दिल्ली में यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था।
शिकायत में कहा गया है कि चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पत्थर, ईंटें तथा तरल पदार्थ से भरी बोतलें फेंकीं। इस हिंसा में एक महिला कार्यकर्ता बिंदु की आंख गंभीर रूप से घायल हुई, जबकि अन्य कार्यकर्ताओं को पसलियों, सिर और अंगों में चोटें आईं।
पुलिस और दोनों पक्षों के बयान
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने ANI को बताया कि पहले से सूचना मिलने पर कांग्रेस कार्यालय के आसपास डबल बैरिकेडिंग की गई थी। अचानक पानी की बोतल फेंके जाने के बाद पथराव शुरू हो गया, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारी, 2–3 मीडियाकर्मी और एक सब-इंस्पेक्टर घायल हुए।
कांग्रेस की ओर से संगठन महासचिव संजय वाकलीवाल ने आरोप लगाया कि BJYM कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की योजना बना रहे थे। वहीं BJP युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले हमला किया।
RI News विश्लेषण
इंदौर की यह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक विरोध अब वैचारिक असहमति तक सीमित न रहकर सीधे टकराव की ओर बढ़ रहा है। एफआईआर में नामजद नेताओं का उल्लेख बताता है कि मामला संगठित स्तर पर घटित हुआ। दोनों पक्षों द्वारा दर्ज शिकायतें यह संकेत देती हैं कि राजनीतिक दल विरोध को नियंत्रित करने में विफल रहे। पुलिस की बैरिकेडिंग के बावजूद हिंसा होना प्रशासनिक तैयारी और राजनीतिक अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
RI News प्रभाव
इस झड़प का प्रभाव कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर साफ दिखाई देगा। नामजद एफआईआर के चलते आगे राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है और प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव रहेगा। मीडियाकर्मियों और पुलिसकर्मी के घायल होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठेंगे। दीर्घकाल में ऐसी घटनाएँ लोकतांत्रिक संवाद को कमजोर कर राजनीति में हिंसा को सामान्य बनाने का खतरा पैदा करती हैं।
