उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: 9.12 लाख करोड़ का महा-बजट, विकास और चुनावी संकेत

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट 2026-27 पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना
उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दृश्य।

लखनऊ, 11 फरवरी 2026

उत्तर प्रदेश बजट 2026-27: 9.12 लाख करोड़ का ‘महा-बजट’
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया, जिसका कुल आकार ₹9,12,696 करोड़ है। यह राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इसमें 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बजट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट है, जिसे 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पेश किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट को “दशकीय विकास का प्रमाण” बताया, जबकि विपक्षी दलों ने इसे “चुनावी लुभावन घोषणाओं से भरा बजट” करार दिया।

प्रमुख घोषणाएं

बजट दस्तावेज के अनुसार, राज्य की अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹30.25 लाख करोड़ आंकी गई है, जिसमें 13.4 प्रतिशत की वृद्धि का दावा किया गया है।

रोजगार के मोर्चे पर सरकार ने 10 लाख युवाओं को रोजगार अवसर उपलब्ध कराने, 23 हजार से अधिक युवाओं को निःशुल्क कोचिंग देने और अभ्युदय योजना के तहत 9.25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने की घोषणा की है।

महिला सशक्तिकरण के तहत बेटियों की शादी के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दिया गया है।

कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को देश में पहले स्थान पर बताते हुए सौर ऊर्जा विस्तार, एग्री एक्सपोर्ट हब और कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे, सड़कों, डेटा सेंटर क्लस्टर्स और निवेश आकर्षण से जुड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप्स और गरीब कल्याण योजनाओं के लिए भी बजटीय प्रावधान किए गए हैं।

विश्लेषण

यह बजट चुनावी वर्ष में पेश किया गया एक बड़ा और व्यापक बजट है, जिसमें युवा, महिला और किसान वर्ग पर स्पष्ट फोकस दिखता है। बड़े बजट आकार और GSDP वृद्धि के आंकड़े सरकार के विकासवादी दावे को मजबूत करते हैं, लेकिन इन घोषणाओं का प्रभाव क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

बेटियों की शादी के लिए ₹1 लाख की सहायता जैसी घोषणाएं ग्रामीण और महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर की गई प्रतीत होती हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर से निवेश को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष का हमला जारी रहने की संभावना है।

पूर्वांचल, विशेषकर गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में एक्सप्रेसवे और एग्री एक्सपोर्ट हब से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है, हालांकि बजट में इन क्षेत्रों के लिए विशिष्ट आवंटन सीमित नजर आता है।

प्रभाव

राज्य के लिए यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसर बढ़ाने की क्षमता रखता है। युवा, महिला और किसान वर्ग को सीधा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

आर्थिक दृष्टि से सरकार का दावा है कि GSDP वृद्धि से उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ेगा, हालांकि राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ने का जोखिम भी बना रहेगा।

राजनीतिक रूप से यह बजट 2027 विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए लाभकारी साबित हो सकता है, लेकिन यदि घोषणाओं का क्रियान्वयन कमजोर रहा तो विपक्ष को आक्रामक मुद्दे मिल सकते हैं।

आम जनता के लिए बुनियादी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है, हालांकि महंगाई का असर पूरी तरह समाप्त होने की संभावना कम दिखाई देती है।

कुल मिलाकर, यह बजट अल्पकाल में उत्साह पैदा करता है, जबकि दीर्घकाल में इसका असर क्रियान्वयन और 2027 के चुनावी नतीजों पर निर्भर करेगा। पूर्वांचल क्षेत्र के लिए इसमें विकास के नए अवसर दिखाई देते हैं।

स्रोत:

पीटीआई
 Saransh Kumar | National Correspondent, RI News

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