
भारत–कनाडा सुरक्षा सहयोग
भारत और कनाडा ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन से जुड़े मुद्दों पर एक साझा कार्य योजना (Joint Action Plan) पर सहमति जताई है। यह सहमति भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की ओटावा यात्रा के दौरान बनी।
यह कदम वर्ष 2023 के हारदीप सिंह निज्जर हत्याकांड के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी के बाद पहली ठोस और औपचारिक प्रगति माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस कार्य योजना में आतंकवाद, संगठित अपराध, खालिस्तान समर्थक नेटवर्क और सीमा-पार आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यह पहल कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक पहले सामने आई है, जिससे इसके कूटनीतिक महत्व को और बल मिलता है।
विश्लेषण
भारत-कनाडा संबंध पिछले दो वर्षों से गंभीर अविश्वास के दौर से गुजर रहे थे। निज्जर मामले में कनाडा द्वारा लगाए गए आरोपों ने द्विपक्षीय संवाद लगभग ठप कर दिया था।
ऐसे समय में NSA स्तर की बातचीत यह संकेत देती है कि दोनों देश सार्वजनिक बयानबाज़ी से हटकर संस्थागत समाधान की ओर बढ़ना चाहते हैं।
संयुक्त कार्य योजना का फोकस “राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन” पर होना यह दर्शाता है कि भारत की मुख्य चिंता — कनाडा की धरती से संचालित अलगाववादी और चरमपंथी गतिविधियाँ — अब औपचारिक एजेंडे का हिस्सा बन चुकी हैं।
यह भी उल्लेखनीय है कि यह पहल किसी राजनीतिक बयान के बजाय सुरक्षा तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ाई गई है, जो इसे अधिक व्यावहारिक और टिकाऊ बनाती है।
प्रभाव
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भारत-कनाडा के बीच कूटनीतिक संवाद की बहाली का रास्ता खुलेगा।
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खालिस्तान समर्थक संगठनों और नेटवर्क पर संयुक्त निगरानी और कार्रवाई की संभावना बढ़ेगी।
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दोनों देशों के बीच कानून प्रवर्तन एजेंसियों का सहयोग मजबूत होगा।
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व्यापार, शिक्षा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर रुके हुए संवाद को नई गति मिल सकती है।
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प्रधानमंत्री स्तर की आगामी यात्राओं के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा।
- स्रोत: The Hindu
🔗 https://www.thehindu.com/news/national/national-security-advisor-ajit-doval-in-canada/article70608076.ece - Byline: — RI News Desk
Publish Date: 9 फरवरी 2026
