खोजें लोड हो रहा है...
राष्ट्रीय डिजिटल समाचार मंच
ACADEMY
BREAKING
डाइट कल्चर का भ्रम बनाम देसी लाइफस्टाइल: क्या सेहत के आधुनिक नुस्खे हमारी पारंपरिक थाली के आगे फेल हैं दिमाग की कसरत: सरकारी नौकरी परीक्षाओं के लिए रीजनिंग के सबसे ट्रिकी सवाल, अपनी तैयारी को परखें 107 दिनों की जंग के बाद अमेरिका-इरान में हुआ शांति समझौता केवल ‘दिखावा’? विशेषज्ञ का दावा- वाशिंगटन के इरादे रहे अधूरे भारत का विश्वगुरु बनना दुनिया में तबाही के लिए नहीं, बल्कि शांति के लिए होगा’; आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान BIG STORIES यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का स्लोवाकिया ने किया समर्थन; द्विपक्षीय संबंध ‘व्यापक साझेदारी’ में बदले चीनी खाते ही शरीर में शुरू हो जाते हैं ये 10 बदलाव, ज्यादातर लोगों को नहीं होती जानकारी डाइट कल्चर का भ्रम बनाम देसी लाइफस्टाइल: क्या सेहत के आधुनिक नुस्खे हमारी पारंपरिक थाली के आगे फेल हैं दिमाग की कसरत: सरकारी नौकरी परीक्षाओं के लिए रीजनिंग के सबसे ट्रिकी सवाल, अपनी तैयारी को परखें 107 दिनों की जंग के बाद अमेरिका-इरान में हुआ शांति समझौता केवल ‘दिखावा’? विशेषज्ञ का दावा- वाशिंगटन के इरादे रहे अधूरे भारत का विश्वगुरु बनना दुनिया में तबाही के लिए नहीं, बल्कि शांति के लिए होगा’; आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान BIG STORIES यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का स्लोवाकिया ने किया समर्थन; द्विपक्षीय संबंध ‘व्यापक साझेदारी’ में बदले चीनी खाते ही शरीर में शुरू हो जाते हैं ये 10 बदलाव, ज्यादातर लोगों को नहीं होती जानकारी
×

BIG STORIES यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता का स्लोवाकिया ने किया समर्थन; द्विपक्षीय संबंध ‘व्यापक साझेदारी’ में बदले

द्वारा: RiNews डेस्क |
अपडेटेड: जून 16, 2026

RiNews India • EXCLUSIVE
“यूएनएससी में भारत का दावा और मजबूत, स्लोवाकिया ने दिया खुला समर्थन”

ब्रातिस्लावा/नई दिल्ली (पीटीआई): मध्य यूरोपीय देश स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की वकालत करते हुए इसमें स्थायी सदस्यता के लिए भारत के दावे का पुरजोर समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक कदम आगे बढ़ाते हुए ‘व्यापक साझेदारी’ (Comprehensive Partnership) के स्तर पर पहुंचा दिया है।

स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इस बयान में दोनों पक्षों ने वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का सहयोग करने और संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च संस्था में समकालीन वास्तविकताओं के अनुसार बदलाव करने की आवश्यकता पर बल दिया।

द्विपक्षीय संबंधों में नया अध्याय

राजनयिक विश्लेषकों के अनुसार, स्लोवाकिया जैसे यूरोपीय देश का यह समर्थन भारत की वैश्विक स्वीकार्यता को और मजबूत करता है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, साइबर सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में भी नए रास्ते खोलने पर सहमति बनी है।

“स्लोवाकिया द्वारा भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन यह साबित करता है कि विश्व समुदाय अब भारत को वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए एक अनिवार्य स्तंभ मानता है।”

इस ऐतिहासिक दौरे के बाद न केवल यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के व्यापारिक समीकरणों को बल मिलेगा, बल्कि रक्षा और तकनीकी सहयोग में भी दीर्घकालिक प्रगति देखने को मिलेगी। दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालय नियमित रूप से इस व्यापक साझेदारी की समीक्षा करेंगे ताकि आपसी समझौतों को तेजी से जमीन पर उतारा जा सके Red।


स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)

📅 प्रकाशित तिथि: 16 Jun 2026 को 09:13 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश

Scroll to Top