
RI NEWS DESK | नई दिल्ली
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दो दिन की भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे। यह 2021 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है और 4–5 दिसंबर 2025 को होने वाले 23वें भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन को लेकर दोनों देशों में तैयारियाँ पूरी हैं।
क्रेमलिन और भारत सरकार के अनुसार, इस शिखर बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी पर केंद्रित चर्चा होगी। रूसी पक्ष ने संकेत दिया है कि यात्रा के दौरान 2030 तक के लिए रणनीतिक आर्थिक सहयोग का नया रोडमैप और कई द्विपक्षीय समझौते किए जा सकते हैं, जिनमें दस अंतर-सरकारी और लगभग पंद्रह वाणिज्यिक समझौते शामिल होने की संभावना है।
बैठक में रियायती रूसी कच्चे तेल की आपूर्ति, S-400 मिसाइल प्रणाली, रक्षा उत्पादन में संयुक्त परियोजनाएँ, परमाणु ऊर्जा सहयोग और रुपया–रूबल व्यापार जैसे मुद्दे भी एजेंडा में रहने की उम्मीद है। भारत यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में शांति और संवाद की आवश्यकता पर अपना रुख भी दोहराएगा।
RI NEWS विश्लेषण: ऐसे समय में जब वैश्विक राजनीति में ध्रुवीकरण बढ़ रहा है, भारत–रूस संबंधों को नया आयाम देने वाली यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि प्रस्तावित समझौते और 2030 रोडमैप लागू होते हैं तो भारत को ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा प्रौद्योगिकी, निवेश और निर्यात के नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि रूस के लिए भारत एक और बड़े, भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभर सकता है।
स्रोत: Times of India , Economic Times Live Blog , Kremlin Official Release
