श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस मान्यता रद्द, छात्रों में चिंता

 आदर्श
तारीख: शुक्रवार, 9 जनवरी 2026

श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस मान्यता रद्द, छात्रों में चिंता

श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस मान्यता रद्द होने के बाद छात्रों में चिंता
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा एमबीबीएस मान्यता रद्द किए जाने के बाद श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज के छात्रों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

जम्मू-कश्मीर स्थित श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में संचालित एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा रद्द कर दी गई है। इस फैसले के बाद कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरी चिंता देखी जा रही है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कॉलेज आवश्यक शैक्षणिक मानकों, फैकल्टी की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई मानकों को पूरा करने में असफल रहा है। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की संख्या, अस्पताल में मरीजों की उपलब्धता और प्रशिक्षण सुविधाओं में गंभीर कमियां पाई गईं।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वे आयोग द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर काम कर रहे हैं और जल्द ही कमियों को दूर कर दोबारा मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा। हालांकि, छात्रों का कहना है कि इस अनिश्चितता ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है। कई छात्र यह सवाल उठा रहे हैं कि उनकी डिग्री और आगे की पढ़ाई का क्या होगा।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन साथ ही यह भी ज़रूरी है कि छात्रों के हितों की रक्षा की जाए। उन्होंने सुझाव दिया है कि आयोग और राज्य सरकार को मिलकर छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या स्थानांतरण की स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

इस बीच, अभिभावक संगठनों ने भी मांग की है कि सरकार छात्रों को भरोसा दे और उनकी पढ़ाई बाधित न होने पाए। यह मामला एक बार फिर देश में मेडिकल कॉलेजों की गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

प्रभाव:
मान्यता रद्द होने से छात्रों के करियर पर असर पड़ सकता है और मेडिकल शिक्षा में नियामक सख्ती पर बहस तेज होगी।

स्रोत:
बीबीसी हिंदी |
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top