🔍 लोड हो रहा है...
राष्ट्रीय डिजिटल समाचार मंच
ACADEMY
BREAKING
UP Panchayat Elections 2026: पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची आज जारी, लागू होगा नया 9 अंकों का वोटर नंबर राज्यसभा चुनाव 2026: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप आज की प्रमुख खबरें: मणिपुर, राज्यसभा चुनाव, साइबर ठगी और वैश्विक तनाव सुर्खियों में यूरोपीय संघ रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय संस्थाओं पर निर्यात नियंत्रण लगाएगा पाकिस्तान में सूख जाएगी सिंधु; भारत 2 साल के भीतर सिंधु जल को पूरी तरह से मोड़ने की योजना पर काम कर रहा है: मंत्री PoK में क्या हो रहा है? विरोध, दमन और बढ़ता जनाक्रोश | डीएनए UP Panchayat Elections 2026: पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची आज जारी, लागू होगा नया 9 अंकों का वोटर नंबर राज्यसभा चुनाव 2026: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप आज की प्रमुख खबरें: मणिपुर, राज्यसभा चुनाव, साइबर ठगी और वैश्विक तनाव सुर्खियों में यूरोपीय संघ रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय संस्थाओं पर निर्यात नियंत्रण लगाएगा पाकिस्तान में सूख जाएगी सिंधु; भारत 2 साल के भीतर सिंधु जल को पूरी तरह से मोड़ने की योजना पर काम कर रहा है: मंत्री PoK में क्या हो रहा है? विरोध, दमन और बढ़ता जनाक्रोश | डीएनए
×

SIPRI रिपोर्ट 2026: भारत ने बढ़ाई परमाणु शक्ति, चीन तक मार करने वाली नई रणनीतिक क्षमता पर फोकस

SIPRI रिपोर्ट 2026: भारत ने बढ़ाई परमाणु शक्ति, चीन तक मार करने वाली नई रणनीतिक क्षमता पर फोकस - Uncategorized

नई दिल्ली, 8 जून 2026 | RI News

दुनिया के प्रमुख रक्षा अनुसंधान संस्थानों में शामिल स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट ने भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति की ओर ध्यान आकर्षित किया है। SIPRI Yearbook 2026 के अनुसार भारत ने अपने परमाणु हथियारों के भंडार में वृद्धि जारी रखी है और 2026 की शुरुआत तक उसके पास अनुमानित 190 परमाणु हथियार हो चुके हैं। यह संख्या पाकिस्तान के अनुमानित 170 हथियारों से अधिक बताई गई है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत का रणनीतिक आधुनिकीकरण अब केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं है। नई मिसाइल प्रणालियों और लंबी दूरी की मारक क्षमता का विकास इस प्रकार किया जा रहा है कि आवश्यकता पड़ने पर चीन के किसी भी हिस्से तक पहुंच बनाई जा सके।

चीन बना भारत की दीर्घकालिक रणनीति का केंद्र

SIPRI का आकलन है कि भारत की रक्षा योजना में पाकिस्तान अभी भी महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है, लेकिन सैन्य आधुनिकीकरण का बड़ा हिस्सा चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति और सीमा क्षेत्रों में बदलते सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वी लद्दाख में पिछले वर्षों के तनाव, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चीन की तेजी से बढ़ती मिसाइल क्षमताओं ने भारत को अपनी सामरिक तैयारियों को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया है।

परमाणु त्रिकोण (Nuclear Triad) को मिल रही मजबूती

भारत पहले ही भूमि, वायु और समुद्र से परमाणु हथियार प्रक्षेपित करने की क्षमता हासिल कर चुका है। इसे परमाणु त्रिकोण (Nuclear Triad) कहा जाता है। हाल के वर्षों में अग्नि श्रृंखला की लंबी दूरी की मिसाइलों, स्वदेशी पनडुब्बी कार्यक्रम और उन्नत कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम पर निवेश बढ़ाया गया है।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों की संख्या से नहीं बल्कि उनकी विश्वसनीयता, प्रतिक्रिया क्षमता और जीवित रहने की क्षमता से तय होता है। भारत इसी दिशा में अपनी प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence Capability) को मजबूत कर रहा है।

पाकिस्तान और चीन की तुलना में भारत की स्थिति

SIPRI के अनुसार चीन के पास अनुमानित 600 से अधिक परमाणु हथियार हैं और वह दुनिया का सबसे तेजी से विस्तार करने वाला परमाणु शस्त्रागार विकसित कर रहा है। इसके मुकाबले भारत की वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित लेकिन रणनीतिक रूप से केंद्रित है।

वहीं पाकिस्तान अपनी परमाणु क्षमता को मुख्य रूप से भारत-केंद्रित सुरक्षा नीति के तहत विकसित कर रहा है। वर्तमान अनुमान बताते हैं कि भारत पहली बार पाकिस्तान पर स्पष्ट संख्यात्मक बढ़त बनाए हुए है।

वैश्विक परमाणु परिदृश्य चिंताजनक

SIPRI Yearbook 2026 के अनुसार दुनिया के लगभग सभी परमाणु-संपन्न देश अपने हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया, फ्रांस, ब्रिटेन और इजराइल सभी ने 2025 के दौरान अपनी परमाणु क्षमताओं में निवेश जारी रखा।

रिपोर्ट चेतावनी देती है कि वैश्विक सुरक्षा वातावरण पहले की तुलना में अधिक अस्थिर होता जा रहा है और हथियार नियंत्रण से जुड़े कई पुराने समझौते कमजोर पड़ रहे हैं।

RI News विश्लेषण

भारत की परमाणु नीति अब भी “नो फर्स्ट यूज” (No First Use) सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य परमाणु हथियारों का उपयोग केवल प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखना है। हालांकि बदलते भू-राजनीतिक हालात, चीन की सैन्य विस्तार नीति और उभरती तकनीकों ने भारत को अपनी दीर्घकालिक रणनीतिक तैयारियां तेज करने के लिए प्रेरित किया है।

SIPRI की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि आने वाले दशक में भारत केवल हथियारों की संख्या बढ़ाने पर नहीं बल्कि अधिक सटीक, सुरक्षित और विश्वसनीय परमाणु प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह रणनीति भारत को एशिया की उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच मजबूत स्थिति प्रदान कर सकती है।


स्रोत:

  • Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) Yearbook 2026
  • ANI
  • Amar Ujala
  • भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक दस्तावेज एवं रणनीतिक अध्ययन

Byline: — RI News Desk

Scroll to Top