
अहमदाबाद/पाटण, 9 जून 2026। गुजरात पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0” के तहत एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पाटण जिले में की गई कार्रवाई में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर 13 बैंक खातों के माध्यम से लगभग 398.43 करोड़ रुपये के संदिग्ध और अवैध लेनदेन कराने का आरोप है।
पुलिस जांच के अनुसार यह नेटवर्क देशभर में दर्ज 228 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा हुआ पाया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में इन खातों का नियंत्रण साइबर अपराधियों और बिचौलियों को सौंप दिया जाता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी की रकम को इधर-उधर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे “म्यूल अकाउंट” साइबर अपराधियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं, क्योंकि इनके माध्यम से ठगी की रकम को ट्रैक करना कठिन हो जाता है। गुजरात पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
RI News विश्लेषण
भारत में डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। यह मामला दर्शाता है कि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित वित्तीय नेटवर्क भी सक्रिय हैं। विशेषज्ञ नागरिकों को सलाह दे रहे हैं कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी उपयोग के लिए न दें, चाहे बदले में कितना भी आकर्षक कमीशन क्यों न दिया जाए।
प्रभाव: इस कार्रवाई से देशभर में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों की पहचान करने और उनके वित्तीय स्रोतों पर प्रहार करने में मदद मिल सकती है। साथ ही आम नागरिकों में बैंक खातों के दुरुपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।
— RI News Desk



