
भारत–रूस शिखर सम्मेलन: 2030 तक 100 अरब डॉलर वार्षिक व्यापार का लक्ष्य, ऊर्जा व रक्षा में नई साझेदारी
नई दिल्ली में हुए भारत–रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने
अपने आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नए स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया।
संयुक्त घोषणा में 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर
सालाना तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया। ऊर्जा, रक्षा
उत्पादन, परमाणु ऊर्जा, जहाज़ निर्माण, श्रमिक–आवागमन और
मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में तेज़ी से काम करने पर जोर दिया गया।
रूस से कच्चे तेल की आपूर्ति, उर्वरक, कोयला और रक्षा प्रणालियों पर
सहयोग जारी रखने के साथ–साथ भुगतान व्यवस्था को सरल बनाने के लिए
स्थानीय मुद्राओं में लेन–देन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने यह भी संकेत दिया कि आर्थिक साझेदारी को सिर्फ ऊर्जा और
रक्षा तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि फार्मा, कृषि–उत्पाद,
मशीनरी और टेक्नॉलजी जैसे नए क्षेत्रों में भी भारतीय निर्यात बढ़ाने पर
विशेष ध्यान दिया जाएगा।
RI NEWS DESK विश्लेषण:
पश्चिमी दबाव और रूस–यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में यह शिखर सम्मेलन
भारत की “रणनीतिक स्वायत्तता” को और स्पष्ट करता है। भारत एक ओर
अमेरिका और यूरोप के साथ साझेदारी बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर
पारंपरिक मित्र रूस के साथ ऊर्जा और रक्षा संबंध गहरे कर रहा है।
चुनौती यह होगी कि व्यापार लक्ष्य पूरा करते समय भारत अपने दीर्घकालिक
राष्ट्रीय हित, तकनीकी आत्मनिर्भरता और बहुध्रुवीय विश्व की भूमिका
— तीनों के बीच संतुलन बनाए रखे।
स्रोत: अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ व आधिकारिक संयुक्त बयान (AP, IndiaTimes, MEA सार)
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 05 Dec 2025 को 08:47 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



