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गाजीपुर अपहरण केस 2026: कटरा गैंग सरगना शंकर पांडे पर गैर-जमानती वारंट, कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी पुलिस की कार्रवाई

गाजीपुर अपहरण केस 2026: कटरा गैंग सरगना शंकर पांडे पर गैर-जमानती वारंट, कोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी पुलिस की कार्रवाई -...

गाजीपुर, 6 जून 2026 | — Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur

गाजीपुर के चर्चित सचिन चौरसिया अपहरण मामले में अदालत ने कटरा गैंग के कथित सरगना शंकर पांडे के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस और प्रशासनिक तंत्र की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले में पहले से ही अपराध और गैंग गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मामला मिश्र बाजार निवासी व्यापारी और सचिन गारमेंट्स के संचालक सचिन चौरसिया के कथित अपहरण से जुड़ा है। आरोप है कि 5 सितंबर 2024 को शंकर पांडे और उसके साथियों ने सचिन चौरसिया को जबरन एक काली स्कॉर्पियो में बैठाकर मारपीट की और उनका अपहरण कर लिया। घटना के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

अदालत में अनुपस्थित रहने पर जारी हुआ NBW

विशेष लोक अभियोजक अखिलेश सिंह के अनुसार मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी शंकर पांडे अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार गैर-जमानती वारंट तब जारी किया जाता है जब अदालत को लगता है कि आरोपी न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहा है या उसके फरार रहने की आशंका है। ऐसे मामलों में पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का अधिकार प्राप्त होता है।

कमलेश बिंद का नाम भी आया था सामने

इस अपहरण कांड की जांच के दौरान हाल ही में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद का नाम भी सामने आया था। जांच एजेंसियों ने मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की थी और कई आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही थी।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि अपहरण प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच जारी है।

पहले से कई गंभीर मामलों में नाम

अभियोजन पक्ष के अनुसार शंकर पांडे के खिलाफ इससे पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। वर्ष 2020 के एक हत्या मामले में भी उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है। इसके अतिरिक्त वह चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में भी नामजद बताया जाता है।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विनीत राय हत्याकांड में शंकर पांडे की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। कानून-व्यवस्था एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही हैं।

गाजीपुर पुलिस की बढ़ी सक्रियता

जिले में हाल के दिनों में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

RI News विश्लेषण

गाजीपुर और पूर्वांचल क्षेत्र में संगठित अपराध, गैंग गतिविधियों और पुराने आपराधिक नेटवर्क को लेकर समय-समय पर प्रशासनिक कार्रवाई होती रही है। शंकर पांडे के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती का संकेत भी माना जा सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी आरोपी के खिलाफ कई गंभीर मामलों में जांच और सुनवाई चल रही हो, तब न्यायालय की ओर से जारी ऐसे आदेश कानून के शासन को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे यह संदेश जाता है कि न्यायिक प्रक्रिया से बचना आसान नहीं है और कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है।

गाजीपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में अपराध नियंत्रण केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इसके लिए न्यायालय, अभियोजन पक्ष और जांच एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय भी आवश्यक होता है।

स्थानीय व्यापारियों में चर्चा का विषय

सचिन चौरसिया स्थानीय व्यवसायी हैं और उनका मामला व्यापारी समुदाय में काफी चर्चा का विषय रहा है। अदालत के हालिया आदेश के बाद जिले के व्यापारिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

व्यापारिक संगठनों का मानना है कि व्यापारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मजबूत होना जिले के आर्थिक वातावरण के लिए आवश्यक है।

आगे क्या होगा?

अब पुलिस की प्राथमिकता गैर-जमानती वारंट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना होगी। यदि गिरफ्तारी होती है तो मामले की न्यायिक प्रक्रिया और आगे बढ़ेगी। वहीं पुलिस अन्य लंबित मामलों में भी आरोपी की भूमिका की जांच जारी रख सकती है।

फिलहाल पूरे जिले की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस शंकर पांडे तक कब पहुंचती है और न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम क्या होता है।

निष्कर्ष

सचिन चौरसिया अपहरण मामले में शंकर पांडे के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट गाजीपुर की कानून-व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज होने की संभावना है। आने वाले दिनों में आरोपी की गिरफ्तारी और मामले की आगे की सुनवाई पर सभी की नजर बनी रहेगी।


— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur

 

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