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अमेरिकी कांग्रेस में H-1B वीजा व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव, ग्रीन कार्ड का रास्ता बंद करने की मांग

अमेरिकी कांग्रेस में H-1B वीजा व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव, ग्रीन कार्ड का रास्ता बंद करने की मांग - Uncategorized

अमेरिकी कांग्रेस में H-1B वीजा व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव, ग्रीन कार्ड का रास्ता बंद करने की मांग

वॉशिंगटन: अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय ने H-1B वीजा कार्यक्रम में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखने वाला “American White-Collar Worker Jobs Act” पेश किया है। प्रस्तावित विधेयक में H-1B वीजा को ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के मार्ग के रूप में समाप्त करने, विदेशी छात्रों के लिए OPT (Optional Practical Training) कार्यक्रम खत्म करने तथा वीजा अवधि को छह वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने की बात कही गई है।

क्या हैं प्रमुख प्रस्ताव?

  • H-1B वीजा धारकों के लिए ग्रीन कार्ड की राह सीमित करना।
  • OPT कार्यक्रम समाप्त करना।
  • H-1B वीजा की अधिकतम अवधि 6 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष करना।
  • लॉटरी प्रणाली के बजाय अधिक वेतन वाले आवेदनों को प्राथमिकता देना।
  • आवेदकों को यह साबित करना होगा कि वे अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का इरादा नहीं रखते।

भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर संभावित असर

H-1B वीजा का सबसे अधिक लाभ भारतीय आईटी पेशेवरों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को मिलता है। यदि यह विधेयक कानून का रूप लेता है, तो अमेरिका में नौकरी करने और बाद में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक कठिन हो सकती है। इससे हजारों भारतीय छात्रों और पेशेवरों की दीर्घकालिक योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

समर्थन और विरोध

विधेयक को कुछ अमेरिकी श्रमिक संगठनों और आव्रजन नियंत्रण समूहों का समर्थन प्राप्त है। समर्थकों का कहना है कि इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। वहीं तकनीकी उद्योग और व्यापारिक समूहों का एक वर्ग मानता है कि वैश्विक प्रतिभाओं पर अत्यधिक प्रतिबंध अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नवाचार को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

वर्तमान स्थिति

यह प्रस्ताव फिलहाल अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्तुत किया गया है। इसे कानून बनने के लिए प्रतिनिधि सभा, सीनेट और राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता होगी। इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित बदलाव अंतिम रूप में लागू होंगे या नहीं।

RI News विश्लेषण

अमेरिका में आव्रजन और रोजगार नीति को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है। H-1B वीजा कार्यक्रम में किसी भी बड़े बदलाव का प्रभाव भारत सहित उन देशों पर सबसे अधिक पड़ेगा, जहां से बड़ी संख्या में कुशल तकनीकी पेशेवर अमेरिका जाते हैं। आने वाले महीनों में इस विधेयक की प्रगति पर भारतीय छात्रों, आईटी कंपनियों और रोजगार क्षेत्र की विशेष नजर रहेगी।

स्रोत: PTI

— RI News Desk

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