उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की सज़ा निलंबित होने पर सर्वाइवर बोलीं- ‘सुरक्षा के लिए मुझे जेल भेजा जाए’

"दिल्ली में उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते लोग। प्रदर्शनकारी एक बैनर पकड़े हुए हैं।"24 दिसंबर 2025 RINews डेस्क

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले के दोषी और पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा मंगलवार (24 दिसंबर 2025) को निलंबित कर दी है। सेंगर को 2019 में ट्रायल कोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी।

सज़ा मिलने के छह साल से ज़्यादा समय बाद, जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन की बेंच ने पूर्व विधायक को 15 लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के तीन ज़मानतदार पेश करने का निर्देश दिया है।

फैसले के बाद विरोध प्रदर्शन

सेंगर की सज़ा निलंबित होने की ख़बर आते ही, इस मामले की सर्वाइवर (पीड़िता), उनकी मां और महिला अधिकार एक्टिविस्ट योगिता भयाना ने मंगलवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कोर्ट के इस फैसले पर अपनी नाराज़गी और विरोध दर्ज कराया।

📌 संक्षिप्त घटनाक्रम

  • 2019: ट्रायल कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई थी।

  • 24 दिसंबर 2025 (मंगलवार): दिल्ली हाई कोर्ट की एक बेंच ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सज़ा को निलंबित कर दिया।

  • तत्काल विरोध: सज़ा निलंबित होने के कुछ ही घंटों बाद सर्वाइवर, उनकी मां और एक्टिविस्ट्स ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।


सोर्स: समाचार एजेंसी/विश्वसनीय स्रोत

ष्ठभूमि: कुलदीप सिंह सेंगर और उन्नाव मामला

चूंकि यह खबर अत्यंत संवेदनशील है और कई साल पुरानी है, इसलिए RINews के पाठकों के लिए इस मामले की पृष्ठभूमि (Background) जानना महत्वपूर्ण है, खासकर जब सज़ा निलंबित की गई हो।

यह रही उन्नाव बलात्कार मामले से जुड़ी कुछ प्रमुख पृष्ठभूमि जानकारी:

1. मामला क्या था?

  • यह मामला 2017 का है। उस समय कुलदीप सिंह सेंगर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से बीजेपी के विधायक थे।

  • मामले की पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 2017 में जब वह नाबालिग थीं, तब सेंगर ने उनके साथ बलात्कार किया था।

2. जाँच और ट्रायल में देरी

  • शुरुआत में, स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर सेंगर को बचाने का आरोप लगा था, जिसके कारण पीड़िता और उनके परिवार को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा।

  • पीड़िता के पिता को कथित तौर पर सेंगर के भाई द्वारा पीटा गया था, जिसके बाद पुलिस हिरासत में उनकी मृत्यु हो गई थी।

  • जुलाई 2019 में, जब पीड़िता अपने वकील और परिवार के साथ कोर्ट जा रही थी, तब उनकी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में पीड़िता की चाची और मौसी की मृत्यु हो गई थी, जबकि पीड़िता और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

  • इन घटनाओं के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर कर दिया था और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था।

3. ट्रायल कोर्ट का फैसला (2019)

  • दिसंबर 2019 में, दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता (IPC) और पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।

  • उन्हें उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी और जुर्माना लगाया गया था।

4. हाई कोर्ट का निलंबन (2025)

  • सेंगर ने इस सज़ा के ख़िलाफ़ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की थी।

  • हाई कोर्ट ने मंगलवार को उनकी सज़ा निलंबित कर दी, जिससे उन्हें अपील लंबित रहने तक ज़मानत पर बाहर आने का मौका मिल गया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top

RI NEWS INDIA

RI NEWS INDIA एक स्वतंत्र भारतीय डिजिटल हिंदी समाचार मंच है,
जो भारत और विश्व से जुड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, व्यापार,
खेल, Tech–Science, शिक्षा एवं स्थानीय खबरें
विश्वसनीय स्रोतों के साथ प्रकाशित करता है।

उद्देश्य: सच तक, सबसे तेज़


Sections:
Home | राष्ट्रीय | अंतरराष्ट्रीय | Local News
व्यापार | Tech–Science | खेल | मनोरंजन

Info:
About Us | Editorial Policy | Contact Us


© 2025 RI NEWS INDIA (India) — All Rights Reserved