प्रकाशित: 27 अप्रैल 2026 | उत्तर प्रदेश

सारांश
उत्तर प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए शाहजहांपुर प्रशासन ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए हर घंटे वाटर ब्रेक और छायादार व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
मुख्य खबर
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे हीट वेव की स्थिति बन गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी निर्देश जारी किए।
डीएम ने सभी स्कूलों को आदेश दिया है कि बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए प्रत्येक घंटे वाटर ब्रेक दिया जाए। साथ ही बच्चों को धूप से दूर छायादार स्थानों पर बैठाने और अनावश्यक शारीरिक गतिविधियों से बचाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ता है, इसलिए स्कूलों में स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि किसी बच्चे को चक्कर, घबराहट या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए।
इसके अलावा, सार्वजनिक स्थानों जैसे बस अड्डों, शेल्टर होम और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर भी पानी और शौचालय की सुविधा आम लोगों के लिए उपलब्ध रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य व्यवस्था भी सख्त
हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष तैयारी की गई है। प्रत्येक केंद्र में दो-दो बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लू, डिहाइड्रेशन और कमजोरी से पीड़ित मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।
विश्लेषण
यह कदम दर्शाता है कि प्रशासन हीट वेव की गंभीरता को समझते हुए पहले से तैयारी कर रहा है। विशेष रूप से स्कूलों में बच्चों के लिए वाटर ब्रेक अनिवार्य करना एक व्यावहारिक और जरूरी निर्णय है, जो अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
प्रभाव
- छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा बेहतर होगी
- स्कूलों में गर्मी से संबंधित जोखिम कम होंगे
- सार्वजनिक स्थानों पर राहत सुविधाएं मजबूत होंगी
- अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने की तैयारी बढ़ेगी
स्रोत: हिन्दुस्तान हिंदी