By: रिन्यूज़ डेस्क प्रयागराज | 16 अप्रैल 2026, गुरुवार | शाम 7:15 बजे
प्रयागराज, 16 अप्रैल 2026: संगम नगरी प्रयागराज के करछना क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला रेल हादसा हो गया। पचदेवरा हाल्ट (ओवरब्रिज के पास) पर दो अलग-अलग ट्रेनों की चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई। यह घटना जिज्ञासा का शिकार बनी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत के बाद कई यात्री पटरी पर उतर गए और दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।
पुलिस और रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:45 से 7:00 बजे के बीच यह हादसा हुआ। कालका एक्सप्रेस (दिल्ली की ओर जा रही) से एक यात्री पटरी पर गिर गया और ट्रेन के नीचे आ गया। इस वजह से ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकना पड़ा। जनरल बोगी के कुछ यात्री जिज्ञासावश नीचे उतरकर शव देखने लगे। ठीक उसी समय दूसरी ट्रैक पर तेज रफ्तार से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने उन चार यात्रियों को कुचल दिया। सभी पांचों की मौके पर ही मौत हो गई।
शवों के टुकड़े करीब 50 मीटर तक बिखरे हुए थे, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शवों को रिकवर कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हादसे के कारण दिल्ली-हावड़ा रूट पर कुछ समय के लिए ट्रेन यातायात प्रभावित रहा, बाद में सामान्य किया गया।
SP GRP प्रशांत वर्मा ने बताया कि यात्री जिज्ञासावश पटरी पर उतर आए थे, जिससे यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले शख्स कालका एक्सप्रेस से गिरा था, जबकि कुछ यात्री ट्रेन रुकने पर नीचे उतरकर राहत कार्य या शव देखने के लिए पटरी पर खड़े हो गए थे। रेलवे ने यात्री सुरक्षा को लेकर अपील की है कि ट्रेन रुकने पर भी यात्री बोगी से बाहर न निकलें और हमेशा सतर्क रहें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया है और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य सुनिश्चित करने और जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मृतकों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो पाई है। कुछ प्रारंभिक रिपोर्ट्स में तीन मृतकों की पहचान हुई है, जिनमें फिरोजाबाद के एक परिवार के सदस्य और मिर्जापुर-बिहार के रहने वाले लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस और GRP मृतकों की सही पहचान और परिजनों को सूचित करने का काम कर रही है।
यह हादसा रेलवे सुरक्षा और यात्री जागरूकता पर सवाल खड़ा करता है। विशेषकर अनारक्षित बोगियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अक्सर ऐसी लापरवाही महंगी पड़ जाती है। रेलवे अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी (CPRO, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे) ने भी पुष्टि की कि यात्री ट्रेन रुकने पर ट्रैक पर उतर गए थे।
प्रयागराज पुलिस और रेलवे की टीम मौके पर जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और जिज्ञासा को मुख्य वजह माना जा रहा है। रेलवे ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा कर दी थी। कई लोगों ने रेलवे प्रशासन से बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग की है, खासकर ऐसे हॉल्ट पॉइंट्स पर जहां ओवरब्रिज के पास ट्रैक हैं।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि रेलवे ट्रैक पर खड़े होना या उतरना कितना खतरनाक हो सकता है। रेलवे लगातार यात्री शिक्षा अभियान चला रही है, लेकिन ऐसी घटनाएं अभी भी हो रही हैं।
