🔴 ताज़ा खबर
इंस्टाग्राम ने क्षणिक सामग्री साझा करने के लिए इंस्टेंट फीचर लॉन्च किया; स्टैंडअलोन ऐप की घोषणा की गई सैमसंग एक यूआई 9 फीचर विकसित कर रहा है जो नेटवर्क स्तर पर ध्यान भटकाने वाले ऐप्स को ब्लॉक कर देगा: रिपोर्ट वीवो X500 बड़ी स्क्रीन के साथ लॉन्च हो सकता है क्योंकि पूरी लाइनअप के डिस्प्ले स्पेसिफिकेशन ऑनलाइन सामने आ गए हैं ओप्पो फाइंड एक्स10 सीरीज में हो सकते हैं चार मॉडल, टिप्सटर ने लीक किए डिस्प्ले साइज Huawei MatePad Pro Max 4.7mm स्लिम प्रोफाइल, 13.2-इंच डिस्प्ले और 10,400mAh बैटरी के साथ वैश्विक स्तर पर लॉन्च हुआ देखें: कायन्स टेक ने कमजोर Q4 के लिए भूराजनीति को जिम्मेदार ठहराया, गाइडेंस मिस; FY27 में बाजार को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया इंस्टाग्राम ने ‘अस्थायी’ फोटो शेयरिंग के लिए इंस्टेंट लॉन्च किया – यहां बताया गया है कि इसका उपयोग कैसे करें लेबनान में वाहनों पर इजरायली ड्रोन हमले में दो बच्चों सहित 12 लोगों की मौत एआई, विकास संबंधी चिंताओं के बीच आईटी शेयरों में लगातार चौथे सत्र में गिरावट जारी; लगातार सिस्टम, कोफोर्ज लीड हानियाँ नोरोवायरस का प्रकोप: बोर्डो लॉकडाउन के कुछ दिनों बाद यात्रियों को क्रूज जहाज छोड़ने की अनुमति दी गई

NEET UG 2026 पेपर लीक: CBI ने 5 गिरफ्तार किए, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज

14 May 2026 | By Sanjeev Kumar Rai | New Delhi

नई दिल्ली: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले ने देशभर में बड़ा राजनीतिक और शैक्षणिक विवाद खड़ा कर दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और कई राज्यों में छापेमारी जारी है। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्र और अभिभावक भविष्य को लेकर चिंता में हैं। वहीं विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाने वाली NEET UG में इस बार करीब 26 लाख छात्रों ने भाग लिया था। परीक्षा के कुछ घंटों बाद ही सोशल मीडिया पर कथित प्रश्नपत्र वायरल होने लगे, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

क्या है पूरा मामला?

3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा के दौरान कई राज्यों से पेपर लीक की शिकायतें सामने आई थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने से पहले ही कुछ टेलीग्राम और व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर प्रश्नपत्र साझा किए गए थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि कुछ छात्रों से लाखों रुपये लेकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा किया गया था।

विवाद बढ़ने और देशभर में विरोध प्रदर्शन होने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था।

CBI की बड़ी कार्रवाई

CBI ने राजस्थान SOG और महाराष्ट्र के नासिक पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई शहरों में छापेमारी की। जांच एजेंसियों ने मुख्य आरोपी शुभम खैरनार समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।

  • 5 आरोपी गिरफ्तार
  • राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार में छापेमारी
  • मोबाइल, लैपटॉप और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त
  • पेपर बेचने वाले नेटवर्क की जांच जारी
  • कई संदिग्ध छात्रों और एजेंटों से पूछताछ

CBI अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सक्रिय रहा है। एजेंसी अब बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल चैट की जांच कर रही है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने में विफल रही है।

कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि “हर साल किसी न किसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक हो रहा है। लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है और अब जवाबदेही तय होनी चाहिए।” सोशल मीडिया पर भी #NEETPaperLeak और #ResignDharmendraPradhan जैसे हैशटैग ट्रेंड करते रहे।

छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी

परीक्षा रद्द होने से छात्रों और अभिभावकों में भारी निराशा देखी जा रही है। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने महीनों तक कठिन तैयारी की थी और अब दोबारा परीक्षा की अनिश्चितता मानसिक दबाव बढ़ा रही है।

कुछ अभिभावकों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कार्रवाई हो और भविष्य में परीक्षा सुरक्षा के लिए मजबूत डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू की जाए।

विश्लेषण

लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने भारत की प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में सुरक्षा चूक केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा, एन्क्रिप्टेड पेपर ट्रांसमिशन और मजबूत निगरानी तंत्र लागू नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं को रोकना मुश्किल रहेगा।

प्रभाव

इस मामले का सीधा असर लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों पर पड़ा है। परीक्षा दोबारा होने की स्थिति में मेडिकल कॉलेजों के शैक्षणिक कैलेंडर में देरी हो सकती है। साथ ही छात्रों का भरोसा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों पर कमजोर पड़ने का खतरा भी बढ़ गया है। यदि सरकार जल्द सख्त सुधार नहीं करती तो भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद

2024 और 2025 में भी NEET परीक्षा को लेकर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। हालांकि इस बार मामला ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि जांच सीधे CBI को सौंपी गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं देश की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की जरूरत को दिखाती हैं।

NTA ने कहा है कि नई परीक्षा तारीख जल्द घोषित की जाएगी और भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अतिरिक्त तकनीकी उपाय लागू किए जाएंगे।

Tags:

🇮🇳 यह महत्वपूर्ण खबर अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें

Scroll to Top