नई दिल्ली, 12 दिसंबर 2025 | RI News India
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बुधवार देर रात हुई लगभग 30 मिनट की फोन वार्ता ने भारत-अमेरिका संबंधों में नई गर्मजोशी ला दी है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा हुआ है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस वार्ता को “गर्मजोशीपूर्ण और फलदायी” बताया है।
पृष्ठभूमि: टैरिफ का दबाव
अमेरिका ने हाल ही में भारत पर 50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिसे रूस से कच्चे तेल की खरीद से जोड़ा गया है। इसका सीधा असर भारतीय निर्यात पर पड़ा है, जो चालू वित्त वर्ष में लगभग 8.6% कम हुआ है। सूत्रों के अनुसार, वॉशिंगटन ने दिल्ली के नवीनतम प्रस्ताव को अब तक का “सबसे बेहतरीन ऑफ़र” बताया है।
COMPACT फ्रेमवर्क: क्या है इसमें?
दोनों नेताओं ने COMPACT (Catalysing Opportunities for Military Partnership, Accelerated Commerce & Technology) ढांचे को तेज करने पर सहमति जताई। इसके तहत:
- रक्षा सह-उत्पादन और तकनीकी हस्तांतरण
- सेमीकंडक्टर व क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन में सहयोग
- नवीकरणीय ऊर्जा और AI तकनीक में संयुक्त निवेश
आर्थिक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि फरवरी 2026 तक प्रारंभिक समझौता हो जाता है, तो भारतीय निर्यात में 10–15% तक वृद्धि संभव है। दवा, कपड़ा तथा इंजीनियरिंग क्षेत्र को विशेष लाभ मिल सकता है। विफलता की स्थिति में भारत को सालाना 5–7 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
राजनीतिक संकेत
यह कॉल ऐसे समय में हुई है जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हाल ही में भारत यात्रा करके गए हैं। विश्लेषक इसे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का सशक्त उदाहरण मानते हैं—रूस के साथ ऊर्जा सहयोग और अमेरिका के साथ रक्षा व तकनीक साझेदारी, दोनों को समान रूप से संतुलित रखते हुए।
अगले कदम
भारत और अमेरिका के बीच सातवें दौर की व्यापार वार्ता जनवरी 2026 में वॉशिंगटन में होगी। इसके अलावा 2026 में भारत में होने वाला QUAD शिखर सम्मेलन भी अब रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
X (पूर्व ट्विटर) पर इस कॉल को लेकर भारी चर्चा है। यूएस एंबेसडर सर्जियो गोर ने इसे “दो दोस्तों के बीच शानदार बातचीत” बताया। कई यूजर्स ने इसे रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने वाला कदम बताया, जबकि कुछ ने व्यापार सौदे में देरी पर असंतोष व्यक्त किया।
RI News India ब्यूरो
(स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय, अमेरिकी दूतावास, रॉयटर्स, बिजनेस स्टैंडर्ड, द हिंदू बिजनेसलाइन, सोशल मीडिया पोस्ट)
