
RI News Desk | 28 जून 2026
अमेरिका ने ईरान में 10 सैन्य ठिकानों पर किया हमला
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिका को दोबारा बड़े सैन्य अभियान के लिए मजबूर होना पड़ा तो “ईरान का अस्तित्व नहीं बचेगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर 10 सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष विराम (सीजफायर) पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमलों में ईरान की निगरानी प्रणाली, संचार केंद्र, एयर डिफेंस नेटवर्क, ड्रोन भंडारण केंद्र और सामरिक सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।
ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि ईरान को पहले भी संघर्ष विराम का सम्मान करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने इसका उल्लंघन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में अमेरिकी हितों पर हमला हुआ तो जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर होगा।
ईरान का पलटवार
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के अनुसार कुवैत और बहरीन की दिशा में मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए गए। हालांकि नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी चिंता
तनाव बढ़ने के साथ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा फिर चर्चा में आ गई है। हाल के दिनों में कई व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन हमलों की घटनाओं के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार भी सतर्क हो गया है।
दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव से अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। यदि हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
स्थिति पर लगातार नजर
फिलहाल दोनों देशों की ओर से तीखे बयान जारी हैं और सैन्य गतिविधियां भी तेज बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 24 से 48 घंटे इस संकट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
ईरान-अमेरिका युद्ध का यह नया दौर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।
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अभी शॉप करेंस्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 28 Jun 2026 को 09:07 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश

