गाजीपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मजदूर की मौत, NH-124C पर घंटों जाम

गाजीपुर NH-124C सड़क हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आए साइकिल सवार मजदूर की मौत का प्रतीकात्मक दृश्य
गाजीपुर में NH-124C पर हुए सड़क हादसे का प्रतीकात्मक दृश्य, जिसमें साइकिल सवार मजदूर की मौत हो गई। (प्रतिनिधि/AI जनित तस्वीर)

गाजीपुर/रेवतीपुर, 8 फरवरी 2026
गाजीपुर जिले में एक बार फिर सड़क हादसे ने एक गरीब परिवार की दुनिया उजाड़ दी। शनिवार सुबह ताड़ीघाट-बारा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-124C) पर उतरौली चट्टी के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने साइकिल सवार मजदूर रामकृत राजभर (50 वर्ष) को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

 कैसे हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार रामकृत राजभर रोज़ की तरह मजदूरी के लिए साइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

 सड़क पर शव रखकर विरोध, लंबा जाम

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे NH-124C पर घंटों लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

रामकृत राजभर परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 प्रभाव और विश्लेषण

  • सड़क सुरक्षा पर सवाल: NH-124C पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक है, लेकिन स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा इंतज़ाम नाकाफी हैं।

  • आर्थिक त्रासदी: एक मजदूर की मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया, सरकारी सहायता की तत्काल आवश्यकता है।

  • प्रशासनिक जिम्मेदारी: स्थानीय लोगों ने सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और नियमित ट्रैफिक चेकिंग की मांग की है।

  • सामाजिक आक्रोश: लगातार हो रहे हादसों से ग्रामीणों में भारी रोष है।

 निष्कर्ष

लगातार हो रहे सड़क हादसे प्रशासन और ट्रैफिक व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर करते हैं। जब तक तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती और सड़क सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए जाते, ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।

स्रोत:

अमर उजाला

— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur

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