ब्रसेल्स (RiNews): पिछले 4 वर्षों से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को 4 बिलियन डॉलर (करीब 36 हजार करोड़ रुपये) की भारी-भरकम सैन्य सहायता देने का आधिकारिक ऐलान किया है। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में आयोजित ‘यूक्रेन-डिफेंस कॉन्टेक्ट ग्रुप’ की उच्च स्तरीय बैठक में इंग्लैंड और जर्मनी समेत करीब एक दर्जन यूरोपीय देशों ने इस मदद की घोषणा की। इस विशाल सैन्य पैकेज में भारी मात्रा में ड्रोन, पैट्रियाट मिसाइलें, तोप के गोले और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरण शामिल हैं, जिससे इस जंग के और अधिक आक्रामक होने की आशंका बढ़ गई है।
सक्रिय स्रोत और वित्तीय रणनीति (Active Source Analysis)
RiNews के रक्षा विश्लेषकों और बैठक के प्राथमिक दस्तावेजों के अनुसार, इस 4 बिलियन डॉलर की सैन्य सहायता का एक बड़ा हिस्सा रूस की ज़ब्त की गई संपत्तियों से होने वाली आमदनी के जरिए जुटाया जाएगा। इस रणनीतिक बैठक में नाटो (NATO) के सेक्रेटरी जनरल मार्क रूटे के साथ-साथ जर्मनी और इंग्लैंड के रक्षा मंत्री भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इंग्लैंड के रक्षा मंत्री डैन जर्विस ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन की यह मदद रूसी संपत्तियों के जरिए की जा रही है, जो पुतिन प्रशासन के लिए एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक झटका है।
गहन तकनीकी विश्लेषण: किस देश ने क्या देने का किया ऐलान? (Deep Analysis)
यूक्रेन डिफेंस कॉन्टेक्ट ग्रुप की इस बैठक में सदस्य देशों ने अपनी-अपनी सैन्य क्षमताओं के अनुसार यूक्रेन के लिए बड़े रक्षा पैकेजों की घोषणा की है:
जर्मनी की ओर से एयर डिफेंस
जर्मनी ने यूक्रेन के आसमान को रूसी हमलों से सुरक्षित करने के लिए 220 मिलियन डॉलर की अमेरिकी पैट्रियाट मिसाइल (एयर डिफेंस) सिस्टम देने की घोषणा की है।
इंग्लैंड का महा-ड्रोन पैकेज
इंग्लैंड के रक्षा मंत्री डैन जर्विस के अनुसार, उनका देश यूक्रेन को 1.50 लाख आधुनिक ड्रोन tobacco और 330 मिलियन डॉलर के रडार तथा एयर डिफेंस सिस्टम मुहैया कराएगा।
अन्य यूरोपीय देशों की भूमिका
स्वीडन ने यूक्रेन को बड़े पैमाने पर ड्रोन देने का वादा किया है, जबकि नीदरलैंड्स ने समुद्र में रूसी नौसेना का मुकाबला करने के लिए ‘अनमैनड सर्फेस वेसल’ (USV) यानी मानवरहित युद्धपोत देने का ऐलान किया है। इसके अलावा बाकी देशों द्वारा तोप के गोले और रॉकेट सप्लाई किए जाएंगे।
जेलेंस्की का आभार और F-16 की अतिरिक्त मांग (Real-World Impact)
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, जो जी-7 (G-7) समिट के बाद सीधे इस बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे, उन्होंने पैट्रियाट मिसाइल और अन्य हथियारों के लिए यूरोपीय देशों का आभार जताया। हालांकि, उन्होंने युद्ध की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अतिरिक्त F-16 फाइटर जेट्स की मांग भी रख दी। इसके साथ ही, जेलेंस्की ने यूक्रेनी सेना के दैनिक खर्चों और सैनिकों की सैलरी को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता की भी अपील की।
जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों को आगाह करते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन का जंग रोकने का कोई इरादा नहीं है और उनकी शांति की बातें पूरी तरह से झूठी हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुतिन को बिना जीत के मैदान से लौटने में अपनी सेना की किरकिरी होने का डर है, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिलेगी। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि यदि पुतिन को मिलकर नहीं रोका गया, तो इस बार उनका अगला निशाना खुद यूरोप का कोई दूसरा देश हो सकता है।
सक्रिय स्रोत (Active Source Credit): यह विस्तृत वैश्विक रिपोर्ट ब्रसेल्स में आयोजित यूक्रेन-डिफेंस कॉन्टेक्ट ग्रुप के आधिकारिक एजेंडे, नाटो (NATO) सचिवालय के बयानों और ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय (UK MoD) द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के विश्लेषण पर आधारित है।
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 20 Jun 2026 को 11:43 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



