केराला मॉडल एजुकेशन, यूसुफपुर (Kerala Model Education, Yusufpur)
🎯 कक्षा: KG से कक्षा 11वीं तक | विशेष: कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए फ्री साइकिल! 🚲
कोविड महामारी के बाद अचानक बढ़े हार्ट अटैक के मामलों ने लाखों लोगों के मन में यह सवाल पैदा कर दिया था कि कहीं कोरोना वैक्सीन इसका कारण तो नहीं है। नई मेडिकल रिसर्च इस धारणा को चुनौती देती दिखाई देती है। अध्ययन के अनुसार वैक्सीन लेने वाले लोगों में गंभीर हृदय संबंधी जटिलताओं का जोखिम कम पाया गया। इससे वैक्सीन को लेकर फैली कई आशंकाओं पर नया वैज्ञानिक दृष्टिकोण सामने आया है।
नई दिल्ली: कोरोना वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच संबंध को लेकर वर्षों से चल रही बहस के बीच एक नई रिसर्च ने महत्वपूर्ण निष्कर्ष पेश किए हैं। अध्ययन में पाया गया है कि कोविड-19 वैक्सीन लेने वाले लोगों में गंभीर हृदय संबंधी घटनाओं का खतरा बढ़ने के बजाय कम हो सकता है।
रिसर्च में विशेष रूप से उन बुजुर्ग लोगों का अध्ययन किया गया जिनकी उम्र 75 वर्ष या उससे अधिक थी और जो पहले से अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। वैज्ञानिकों ने कोविड संक्रमण के बाद होने वाली गंभीर हृदय संबंधी जटिलताओं का विश्लेषण किया और पाया कि वैक्सीनेशन करवाने वालों में जोखिम अपेक्षाकृत कम था।
ग्लोरियस पब्लिक स्कूल, लौवाडीह (Glorious Public School, Lauwadih)
🎯 कक्षा: KG से कक्षा 8वीं तक | अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आज ही संपर्क करें
शोध में MACE यानी “मेजर एडवर्स कार्डियोवैस्कुलर इवेंट” शब्द का उपयोग किया गया है। इसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर और दिल की बीमारी से होने वाली मौत जैसी गंभीर स्थितियां शामिल होती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ इन घटनाओं को हृदय स्वास्थ्य के सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में गिनते हैं।
अध्ययन के अनुसार कोविड वैक्सीन लगवाने के लगभग आठ महीने बाद कोविड से जुड़े MACE मामलों में करीब 38 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई। यह निष्कर्ष खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर संदेह रखते रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड संक्रमण स्वयं शरीर के हृदय और रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में वैक्सीन संक्रमण की गंभीरता कम करके अप्रत्यक्ष रूप से हृदय संबंधी जोखिम को भी घटा सकती है।
हालांकि वैज्ञानिकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन सभी आयु वर्गों और सभी वैक्सीन प्लेटफॉर्म पर नहीं किया गया। इसलिए भविष्य में अधिक व्यापक और विविध आबादी पर शोध की आवश्यकता बनी हुई है।
मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि इस अध्ययन को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता, लेकिन यह जरूर संकेत देता है कि कोरोना वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच सीधे खतरे का दावा करने से पहले वैज्ञानिक तथ्यों को समझना आवश्यक है। आने वाले समय में अलग-अलग आयु वर्गों और वैक्सीन प्लेटफॉर्म पर और शोध किए जाने की संभावना है।
यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मेडिकल रिसर्च और प्रकाशित वैज्ञानिक अध्ययन पर आधारित है।
👉 JAMA Network पर प्रकाशित रिसर्च पढ़ें
ऑनलाइन ठगी की तुरंत रिपोर्ट करें
किसी भी प्रकार के डिजिटल या बैंक फ्रॉड होने पर गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर सुरक्षित शिकायत दर्ज कराएं।
कागजात रखें डिजिटल और सुरक्षित
आधार, पैन और ड्राइविंग लाइसेंस को सरकारी डिज़िलॉकर में संभालें। देश भर में हर जगह कानूनी रूप से मान्य।
स्मार्ट किचन एवं घरेलू टूल्स
समय और मेहनत बचाने वाले सबसे सस्ते और उपयोगी टूल्स जो हर घर की रसोई की दैनिक ज़रूरतों को आसान बनाते हैं।
रिचार्जेबल इमरजेंसी लाइट्स
बिजली कटने की चिंता खत्म! बजट में आने वाली सबसे चमकदार और लंबे बैकअप वाली बेस्ट-सेलिंग लाइट्स।
🤝 RiNews का वादा: पूर्णतः पारिवारिक वातावरण, निष्पक्ष पत्रकारिता और सिर्फ आपका डिजिटल हित।
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 20 Jun 2026 को 09:21 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश
🔗 संबंधित खबरें



