
आईआईटी मंडी के अनुसार, यह देश का ऐसा पहला व्यापक बीटेक प्रोग्राम है जो छात्रों को क्वांटम टेक्नोलॉजी की बारीकियों को अंडरग्रेजुएट स्तर पर ही सीखने और प्रयोग करने का मौका देगा। इस कोर्स में एडमिशन इसी साल होने वाली JoSAA (Joint Seat Allocation Authority) काउंसलिंग 2026 के माध्यम से किया जाएगा।
IIT मंडी का नया बीटेक प्रोग्राम क्वांटम कंप्यूटिंग और भविष्य की तकनीक पर केंद्रित है। (सांकेतिक चित्र)
सक्रिय स्रोत और विश्लेषण: क्यों खास है यह क्वांटम साइंस कोर्स?
आज की दुनिया तेजी से क्लासिकल कंप्यूटिंग (जो 0 और 1 के बाइनरी बिट्स पर काम करती है) से आगे बढ़कर क्वांटम कंप्यूटिंग (जो सुपरपोजिशन और एंटैंगलमेंट के सिद्धांतों पर काम करती है) की तरफ बढ़ रही है। आईआईटी मंडी प्रशासन के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कोर्स का स्ट्रक्चर इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि छात्र न सिर्फ थ्योरी (सैद्धांतिक ज्ञान) समझ सकें, बल्कि इंडस्ट्री की आधुनिक और बदलती जरूरतों के हिसाब से प्रैक्टिकल लर्निंग और स्किल्स हासिल कर सकें।
इस चार साल के बीटेक प्रोग्राम के तहत छात्रों को मुख्य रूप से तीन बड़े डोमेन में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा:
- क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing): जहां सुपरकंप्यूटर से भी हजार गुना तेज गणना करने वाले सिस्टम्स पर काम करना सिखाया जाएगा।
- क्वांटम कम्यूनिकेशन और क्रिप्टोग्राफी (Quantum Communication & Cryptography): जो भविष्य के डेटा ट्रांसफर को पूरी तरह हैक-प्रूफ और सुरक्षित बनाने की तकनीक है।
- क्वांटम मैटेरियल्स और सेंसर्स (Quantum Materials & Sensors): जो नैनो-टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैटेरियल साइंस के विकास में रीढ़ की हड्डी साबित होंगे।
दूरगामी प्रभाव (Impact Analysis): भविष्य की जरूरत
भारत सरकार के ‘नेशनल क्वांटम मिशन’ (National Quantum Mission) को ध्यान में रखते हुए यह कोर्स बेहद महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में साइबर सिक्योरिटी, बैंकिंग सेक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के क्षेत्र में उन्हीं प्रोफेशनल्स की मांग होगी जो क्वांटम मैकेनिक्स और इंजीनियरिंग के अंतर्संबंधों को समझते हों। यह कोर्स देश को इस वैश्विक तकनीकी होड़ में अग्रणी बनाने का काम करेगा।
एडमिशन और चयन की प्रक्रिया: इस कोर्स में सीटों का आवंटन पूरी तरह से पारदर्शी और जोसा (JoSAA) 2026 के नियमों के तहत होगा। जिन छात्रों ने JEE एडवांस्ड 2026 की परीक्षा पास की है, वे काउंसलिंग पोर्टल पर चॉइस फिलिंग के दौरान ‘IIT Mandi – Quantum Science and Engineering’ को अपनी प्राथमिकता के आधार पर चुन सकते हैं।
करियर और रोजगार के नए आयाम
इस कोर्स को पूरा करने वाले छात्रों के लिए केवल पारंपरिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग तक सीमित रहने की मजबूरी नहीं होगी। उनके लिए निम्नलिखित एडवांस सेक्टर्स में रिसर्च और हाई-पैकेज नौकरियों के बड़े रास्ते खुलेंगे:
- क्वांटम चिप डिजाइन और हार्डवेयर डेवलपमेंट: वैश्विक टेक कंपनियों में क्वांटम प्रोसेसर बनाने की भूमिका।
- डिफेंस और डेटा सिक्योरिटी: रक्षा मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों के लिए हैक-प्रूफ क्वांटम नेटवर्क तैयार करना।
- फार्मास्युटिकल और एआई रिसर्च: क्वांटम सिमुलेशन के जरिए गंभीर बीमारियों के लिए नई दवाओं की खोज को तेज करना।
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 19 Jun 2026 को 05:47 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



