सेना के हवलदार पन्ना लाल राजभर का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही मचा कोहराम, सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur
दिनांक: 25 जनवरी 2026
समय: शाम 7:30 बजे

सेना के हवलदार पन्ना लाल राजभर की फाइल फोटो
भारतीय सेना में हवलदार पन्ना लाल राजभर (43)। (फाइल फोटो)

भांवरकोल (गाजीपुर)। ग्राम पंचायत बदौली अदाई निवासी भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात पन्ना लाल राजभर (43) का शव शनिवार देर रात पैतृक गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। रविवार को वाराणसी स्थित 39 जीटीसी से पहुंची सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर वीरपुर गंगा घाट पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया।

पन्ना लाल राजभर चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। वर्ष 2005 में भारतीय सेना में भर्ती होकर उन्होंने देश सेवा प्रारंभ की थी। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल के पन्नागढ़ में 17 कोर एपीएस में हवलदार पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी संजू देवी ग्राम पंचायत बदौली अदाई की वर्तमान ग्राम प्रधान हैं।

परिजनों के अनुसार 23 जनवरी की रात पन्ना लाल अपनी पत्नी संजू देवी तथा पड़ोसी नीरज सिंह कुशवाहा के साथ ट्रेन से गांव आ रहे थे। यात्रा के दौरान वे सीट से उठकर टहलने की बात कहकर गए, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी देर तक प्रतीक्षा के बाद पत्नी ने पड़ोसी के साथ ट्रेन में उनकी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद वे फैसर स्टेशन पर उतर गए और रेलवे व प्रशासनिक तंत्र से जानकारी जुटानी शुरू की।

जांच में पता चला कि कस्थार स्टेशन के पास रेल लाइन पर कटने से उनकी मौत हो गई है। यह स्थान परइया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। सूचना मिलने पर परिजन मगध मेडिकल कॉलेज, गया स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां शव रखा गया था। सेना के अधिकारियों द्वारा एंबुलेंस की व्यवस्था कर शव को गांव लाया गया।

शव गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। मां सोमारी देवी, पत्नी संजू देवी, पुत्री साधना, आराधना, अंशिका तथा पुत्र अनमोल का रो-रोकर बुरा हाल था।

रविवार को वाराणसी स्थित 39 जीटीसी से नायब सूबेदार एस. सुब्बा के नेतृत्व में पहुंची सेना की टुकड़ी ने दिवंगत जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वीरपुर गंगा घाट पर पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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