आरक्षित पदों का रोटेशन पंचायत चुनाव: सभी आरक्षित पदों का बदलेगा चक्र, नए परिसीमन की भी संभावना बढ़ी

— Avanish Kumar Rai | Bureau Chief (Local) 21 January 2026

उत्तर प्रदेश में पंचायती राज भवन की इमारत
पंचायती राज भवन, उत्तर प्रदेश (फाइल फोटो
आरक्षित पदों का रोटेशन पंचायत चुनाव: पंचायत चुनाव से पहले सभी आरक्षित पदों का चक्र बदलेगा

पंचायत चुनाव 2026 से पहले सभी आरक्षित पदों का चक्र बदलने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही नए परिसीमन की संभावना भी काफी बढ़ गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार 28 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद अप्रैल–मई में पंचायतों का परिसीमन प्रस्तावित है।

वर्तमान में जिले की चुनावी स्थिति के अनुसार ग्राम पंचायतों की संख्या 1,238, क्षेत्र पंचायत 193, जिला पंचायत 67,680, पंचायत सदस्य 1,679, ग्राम प्रधान 1,626 और कुल मतदाता 4,654 बताए गए हैं।

नई जनसंख्या और मतदाता संख्या के आधार पर पंचायतों की सीमाओं में बदलाव संभव है, जिससे आरक्षित पदों का पुनर्निर्धारण भी किया जाएगा।


 विश्लेषण (कब, कहाँ, क्यों)

कब:
मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 28 मार्च को होगा। इसके बाद अप्रैल–मई में परिसीमन और आरक्षण चक्र परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

कहाँ:
यह प्रक्रिया पूरे जिले की ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत इकाइयों पर लागू होगी।

क्यों:
पिछले चुनावों के बाद जनसंख्या, मतदाता संख्या और पंचायत संरचना में बदलाव आया है। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार हर चुनाव से पहले आरक्षित पदों का रोटेशन और समय-समय पर परिसीमन आवश्यक होता है, ताकि प्रतिनिधित्व संतुलित और न्यायसंगत बना रहे।


 प्रभाव

आरक्षित पदों के चक्र बदलने से कई मौजूदा जनप्रतिनिधि अपनी सीट खो सकते हैं, जबकि नए वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।

नए परिसीमन से पंचायतों की सीमाएँ बदलने पर चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। इससे स्थानीय राजनीति में नए चेहरे उभरने और पुराने समीकरण टूटने की संभावना है।

मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद चुनावी तैयारियाँ तेज होंगी और राजनीतिक दलों व संभावित प्रत्याशियों की रणनीति भी उसी अनुसार तय होगी।

Source: Dainik Jagran

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