दिल्ली साकेत बिल्डिंग हादसा 2026: बहुमंजिला इमारत गिरी, कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका

नई दिल्ली | 30 मई 2026 | RI News Desk

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साकेत क्षेत्र में शनिवार (30 मई 2026) की शाम एक बड़ा हादसा हो गया। दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों के अनुसार, कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

यह हादसा साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग स्थित सैदुलाजाब क्षेत्र में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत में भूतल के ऊपर तीन मंजिलें थीं। अचानक पूरी संरचना ढहने से आसपास का इलाका धूल के गुबार से भर गया।

टिन-शेड कैंटीन पर भी गिरा मलबा

अधिकारियों ने बताया कि गिरी हुई इमारत के ठीक बगल में एक टिन-शेड कैंटीन संचालित हो रही थी। घटना के समय वहां कुछ बच्चे भोजन कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि इमारत का मलबा कैंटीन के ऊपर भी गिरा, जिससे कुछ बच्चे और अन्य लोग उसके नीचे दब गए हो सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस तथा आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। इसके बाद प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और संगठित बचाव अभियान शुरू किया गया।

दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद चार दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। पुलिस, दमकल कर्मी और अन्य आपदा राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से बचाव अभियान चला रही हैं।

मलबे में किसी के फंसे होने की संभावना को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है। राहत दल आधुनिक उपकरणों की सहायता से मलबा हटाने का कार्य कर रहा है ताकि फंसे लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।

पूरे इलाके को किया गया सील

सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को अस्थायी रूप से खाली करा दिया है। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी है ताकि राहत और बचाव कार्य प्रभावित न हो।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

हादसे के कारणों की होगी जांच

फिलहाल इमारत गिरने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। भवन की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने भवनों की समय-समय पर तकनीकी जांच और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। ऐसे हादसे शहरी क्षेत्रों में भवन सुरक्षा के महत्व को फिर से रेखांकित करते हैं।

राहत अभियान जारी

देर रात तक बचाव कार्य जारी रहा। प्रशासन ने कहा है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है। घायलों और संभावित हताहतों की संख्या के बारे में आधिकारिक जानकारी राहत अभियान पूरा होने के बाद ही उपलब्ध हो सकेगी।


प्रकाशन तिथि: 30 मई 2026

अपडेट समय: 10:41 PM IST

स्रोत: The Hindu, PTI

लेखक: RI News Desk

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