
Monsoon 2026: केरल में 2-3 दिन में पहुंचेगा मानसून, यूपी-राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट
नई दिल्ली, 2 जून 2026: देशभर में लोग भीषण गर्मी और लू से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिनों में केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस बार नौतपा का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कमजोर रहा, जिससे कई राज्यों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
नौतपा का असर रहा कमजोर, लू से मिली राहत
हर वर्ष मई के अंतिम सप्ताह में पड़ने वाला नौतपा भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। सामान्य परिस्थितियों में इस अवधि के दौरान उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। हालांकि इस वर्ष पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अलग रुख अपनाया।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में बादल छाए रहे तथा तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ ने गर्म हवाओं की तीव्रता को कम कर दिया, जिससे लोगों को लू से काफी राहत मिली।
केरल में मानसून की दस्तक के लिए अनुकूल परिस्थितियां
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसी कारण अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून केरल और तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर सकता है।
सामान्य तौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव और समुद्री परिस्थितियों में बदलाव के कारण इसकी गति कुछ धीमी रही। इसके बावजूद मौसम विभाग को उम्मीद है कि मानसून जल्द ही अपनी सामान्य प्रगति पर लौट आएगा।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून का समय पर आगे बढ़ना कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की बड़ी आबादी आज भी खेती पर निर्भर है।
यूपी, राजस्थान और दिल्ली में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की आशंका व्यक्त की गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं, ताकि फसलों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके।
दक्षिण और पश्चिम भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज
महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों की भी सूचना मिली है।
इन राज्यों में हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
कृषि और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ता है और वर्षा सामान्य रहती है, तो इसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन को मिलेगा। खरीफ फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी और जलाशयों में जल स्तर बढ़ने से पेयजल तथा सिंचाई की स्थिति भी बेहतर होगी।
इसके अलावा अच्छी वर्षा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकती है। कृषि उत्पादन बढ़ने से खाद्य आपूर्ति बेहतर होगी और महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है।
RI News विश्लेषण
नौतपा के दौरान अपेक्षाकृत नरम मौसम और मानसून के जल्द आगमन की संभावना देश के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के ताजा संकेत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। यदि मानसून सामान्य रहता है तो कृषि, जल संसाधन और अर्थव्यवस्था तीनों क्षेत्रों को इसका लाभ मिलेगा।
— RI News Desk