Byline: RINews Desk Published: 11 मई 2026 | Updated: 11 मई 2026, सुबह 08:20 बजे IST

Rahul Gandhi and Joseph Vijay share the stage during the TVK swearing-in ceremony in Chennai amid a massive gathering of supporters.
राहुल गांधी विजय साझेदारी
चेन्नई, 11 मई 2026: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। रविवार सुबह चेन्नई के भव्य समारोह में तमिलागा वेट्ट्री कझगम (TVK) की नई सरकार के शपथ ग्रहण के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का मंच पर C. Joseph Vijay के बगल में खड़े होना सिर्फ एक फोटो-ऑप नहीं था। यह राहुल गांधी और विजय की उभरती राजनीतिक साझेदारी का औपचारिक एलान था।
DMK के साथ 50 साल पुराना गठबंधन तोड़ने के बाद कांग्रेस ने तमिलनाडु में पूरी तरह नया रास्ता चुन लिया है। और इस नई यात्रा में उनका साथी बन रहा है सुपरस्टार से राजनेता बने विजय।
क्या हुआ शपथ ग्रहण समारोह में?
रविवार सुबह चेन्नई के राजाजी हॉल में TVK के 163 विधायकों ने शपथ ली। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राहुल गांधी ने विजय को बधाई दी और कहा, “तमिलनाडु में लोकतंत्र की नई सुबह शुरू हो रही है। हम सभी मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करेंगे।”
विजय ने भी जवाब में कहा, “राजनीति में हम अकेले नहीं लड़ सकते। अच्छे लोगों और अच्छी विचारधारा वाले दलों के साथ हम सहयोग करेंगे।”
पृष्ठभूमि: DMK से रिश्ता क्यों टूटा?
पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस और DMK के बीच कई मुद्दों पर तनाव बढ़ गया था। सीट बंटवारे, संगठनात्मक हस्तक्षेप और भावी रणनीति को लेकर दोनों दलों में मतभेद गहरा गए। अंततः कांग्रेस ने 2026 के चुनाव में DMK का साथ छोड़ दिया और TVK को समर्थन देने का फैसला किया।
TVK ने चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया। अब कांग्रेस TVK सरकार को बाहर से मजबूत समर्थन देने जा रही है।
राहुल गांधी-Vijay साझेदारी के प्रमुख पहलू
- राष्ट्रीय महत्व: यह साझेदारी सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। यह दक्षिण भारत में कांग्रेस की वापसी और BJP विरोधी विपक्षी एकता का नया मॉडल बन सकती है।
- युवा आकर्षण: विजय की लोकप्रियता युवाओं, महिलाओं और मध्य वर्ग में बहुत गहरी है। राहुल गांधी के साथ यह जोड़ी कांग्रेस को नया चेहरा दे सकती है।
- क्षेत्रीय मजबूती: TVK की क्षेत्रीय जड़ें और कांग्रेस की राष्ट्रीय पहुंच — दोनों के मिलने से तमिलनाडु में मजबूत विकल्प तैयार हो रहा है।
- केंद्र सरकार पर दबाव: अगर केंद्र TVK सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करता है तो कांग्रेस संसद में और सड़क पर TVK के साथ खड़ी होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रो. सुब्रमण्यम ने कहा, “राहुल गांधी अब समझ चुके हैं कि पुराने गठबंधनों से आगे बढ़ना जरूरी है। विजय न सिर्फ लोकप्रिय हैं, बल्कि उनकी छवि साफ है। यह साझेदारी 2029 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।”
दूसरी तरफ, BJP नेता ने इसे “अस्थायी और अव्यावहारिक” बताया। उन्होंने कहा, “विजय अभी राजनीति के नए हैं। राहुल गांधी पुरानी असफलताओं को दोहरा रहे हैं।”
आने वाले दिनों में क्या हो सकता है?
- औपचारिक गठबंधन: अगले 2-3 महीनों में TVK और कांग्रेस के बीच औपचारिक समझौता हो सकता है।
- संयुक्त आंदोलन: NEET, कावेरी जल विवाद, केंद्र की नीतियों और किसान मुद्दों पर दोनों दल मिलकर आंदोलन कर सकते हैं।
- DMK पर दबाव: DMK अब विपक्ष में अकेली पड़ गई है। वह TVK-Congress गठबंधन को तोड़ने की पूरी कोशिश करेगी।
- अन्य दलों का रुख: वामपंथी दल और अन्य छोटी पार्टियां भी इस नई साझेदारी को देख रही हैं।
राष्ट्रीय राजनीति पर प्रभाव
यह साझेदारी सिर्फ तमिलनाडु की नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण भारत की राजनीति को प्रभावित कर सकती है। केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी कांग्रेस अपनी रणनीति बदल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह गठबंधन सफल रहा तो 2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की रणनीति पूरी तरह बदल सकती है।
निष्कर्ष
रविवार का दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए यादगार रहा। राहुल गांधी और विजय की नई साझेदारी ने साफ संकेत दे दिया है कि कांग्रेस अब पुराने साथियों से आगे बढ़कर नए और मजबूत सहयोगी तलाश रही है।
यह साझेदारी कितनी मजबूत और स्थायी साबित होती है, यह आने वाले महीनों में साफ होगा। लेकिन फिलहाल एक बात तय है — तमिलनाडु में राजनीति का नया समीकरण बन चुका है।




