केरलम में कांग्रेस सरकार की वापसी: वीडी सतीशन बने 13वें मुख्यमंत्री, 21 मंत्रियों ने ली शपथ
तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने सोमवार को केरलम के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। राजधानी तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री के साथ 20 अन्य मंत्रियों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस प्रकार कुल 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने एक साथ शपथ ग्रहण किया।
शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लगभग छह दशक बाद केरलम में पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली है। इससे पहले वर्ष 1962 में तत्कालीन मुख्यमंत्री आर शंकर ने अपनी पूरी कैबिनेट के साथ शपथ ली थी। हालांकि उनकी सरकार 1964 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद गिर गई थी।
लगातार छह बार विधायक रहे हैं वीडी सतीशन
वीडी सतीशन पारावूर विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक चुने गए हैं। उन्हें कांग्रेस और सहयोगी दलों के बीच संतुलित और मजबूत संगठनात्मक नेता माना जाता है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्य में नई राजनीतिक दिशा देने की जिम्मेदारी सौंपी है।
नई सरकार में कांग्रेस के अलावा सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। कुल छह दलों के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जिनमें कांग्रेस के 12 मंत्री शामिल बताए जा रहे हैं।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी पहुंचे
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह को विपक्षी एकजुटता और कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि कांग्रेस सांसद शशि थरूर विदेश दौरे पर होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ सकती है कांग्रेस की सक्रियता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरलम में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार का गठन पार्टी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। दक्षिण भारत में मजबूत उपस्थिति बनाए रखने के लिए कांग्रेस इस सरकार को विकास, प्रशासनिक सुधार और सामाजिक संतुलन के मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर सकती है।
नई सरकार के सामने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। साथ ही केंद्र-राज्य संबंध और वित्तीय प्रबंधन भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रह सकते हैं।
— RI News Desk



