
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार, 9 फरवरी 2026 से शुरू हो गया। पहले ही दिन सदन का माहौल उस समय गरमा गया, जब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष के सदस्य वेल में आ गए।
राज्यपाल अभिभाषण पढ़ रही थीं, लेकिन लगातार शोर के कारण उन्हें बीच में रुककर कहना पड़ा कि अगर नारेबाजी यूँ ही चलती रही तो “गला बैठ जाएगा।” इसके बावजूद उन्होंने अपना पूरा संबोधन पढ़ा, जिसमें राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
बजट सत्र के 20 फरवरी तक चलने की संभावना है, हालांकि कुछ आधिकारिक कार्यक्रमों में इसके 16 या 19 फरवरी तक समाप्त होने की बात भी सामने आई है। इस दौरान 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।
बताया जा रहा है कि इस बार का बजट लगभग 9 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। इसमें बुनियादी ढांचे, विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है, जिनके लिए ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया जा सकता है।
सत्र को देखते हुए लखनऊ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधानसभा परिसर के आसपास बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है और यातायात के लिए अलग से प्लान जारी किया गया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा सत्र जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा का मंच होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब पिछड़े राज्यों की श्रेणी से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ चुका है।
— Saranash Kumar | National & Business Correspondent, Lucknow
9 फरवरी 2026
🔗 Source
The Indian Express
The Indian Express – UP Assembly Budget Session
