— RI News Desk |21 फ़रवरी 2026

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल SIR सुनवाई के लिए न्यायिक अधिकारियों को तैनात किया
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर एक असाधारण निर्णय लेते हुए
न्यायिक अधिकारियों की तैनाती का आदेश दिया है। EC और ममता सरकार के बीच ट्रस्ट डेफिसिट को देखते हुए कोर्ट ने
28 फरवरी तक 95% वोटर लिस्ट प्रकाशित करने की अनुमति दी।
विश्लेषण: संविधान के Article 142 के तहत यह हस्तक्षेप चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच
गतिरोध तोड़ने के लिए किया गया है। TMC इसे EC पर नो-ट्रस्ट के रूप में देख रही है।
प्रभाव: चुनावी प्रक्रिया तेज होगी, निष्पक्षता बढ़ेगी, लेकिन बंगाल की राजनीति में तनाव और गहराएगा।
RSS सत्ता नहीं चाहता, हिंदू समाज को एकजुट करने पर फोकस: मोहन भागवत
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य राजनीतिक सत्ता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि हिंदू समाज को
एकजुट करना और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना है।
विश्लेषण: RSS ने अपने सामाजिक चरित्र पर जोर देते हुए राजनीतिक प्रभाव के आरोपों को नकारा,
हालांकि BJP से वैचारिक जुड़ाव को लेकर बहस बनी रहेगी।
प्रभाव: विपक्षी दलों की आलोचना तेज होगी, वहीं समर्थक इसे सामाजिक एकता के प्रयास के रूप में देखेंगे।
कश्मीरियों पर हालिया हमलों के पीछे नफरत की ताकतें: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर में कश्मीरियों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई है।
उन्होंने JKSA को पत्र लिखकर कहा कि नफरत की राजनीति ने संस्थानों को कमजोर किया है।
विश्लेषण: कांग्रेस ने सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर अप्रत्यक्ष हमला बोला।
प्रभाव: कश्मीरी छात्रों और नागरिकों की सुरक्षा पर बहस तेज होगी, लेकिन राजनीतिक ध्रुवीकरण भी संभव है।
पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन से सावधान रहें: BJP प्रमुख नितिन नाबिया
BJP राष्ट्रीय प्रमुख नितिन नाबिया ने गुजरात में कहा कि कुछ ताकतें राष्ट्र की सुरक्षा की परवाह नहीं करतीं
और चुनावों में पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन उभरेंगे, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।
विश्लेषण: यह बयान 2027-2029 के चुनावी एजेंडे की तैयारी और विपक्ष पर सीधा हमला माना जा रहा है।
प्रभाव: गुजरात की राजनीति में गरमाहट बढ़ेगी, राष्ट्रवाद बनाम विपक्ष की बहस तेज होगी।
ED के आरोपों का सामना अदालत में करेंगे: तमिलनाडु मंत्री के. एन. नेहरू
तमिलनाडु के मंत्री के. एन. नेहरू ने ED के आरोपों पर कहा कि जांच पारदर्शी है और DMK सरकार ने कोई गलती नहीं की।
सभी आरोपों का जवाब अदालत में दिया जाएगा।
विश्लेषण: DMK ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
प्रभाव: तमिलनाडु में सियासी टकराव तेज होगा, ED की भूमिका पर राष्ट्रीय बहस और गहरी हो सकती है।
