— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur
Published on: 25 March 2026

राजापुर मूर्तजीपुर सेतु शिलान्यास 2026: गाजीपुर जिले में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राजापुर से मूर्तजीपुर के बीच मंगई नदी पर बनने वाले लघु सेतु का शिलान्यास विधिवत रूप से संपन्न हुआ। 4.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के जीवन में ठोस परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है।
विधान परिषद सदस्य ने किया शिलान्यास
इस लघु सेतु का शिलान्यास विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल के हाथों फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना और वैदिक विधि से हुई, जिसके बाद जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम एक जनसमर्थित आयोजन के रूप में सामने आया।
जनसंवाद में विकास और नेतृत्व की चर्चा
कार्यक्रम के दौरान आयोजित लोक संवाद में वक्ताओं ने क्षेत्रीय विकास, बुनियादी ढांचे और जनसहभागिता पर जोर दिया। विधान परिषद सदस्य ने कहा कि समाज में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो अपनी क्षमता को पहचानकर उससे आगे बढ़कर कार्य करते हैं। उन्होंने ग्राम प्रधान अश्वनी राय की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से यह महत्वपूर्ण सेतु परियोजना संभव हो पाई है। यह पुल क्षेत्र के लिए एक स्थायी विकास की नींव रखेगा।
किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगा पुल
इस सेतु के निर्माण से सबसे अधिक लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलने वाला है। वर्तमान में राजापुर और आसपास के गांवों के किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए लगभग 16 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे समय और लागत दोनों में वृद्धि होती है। लेकिन पुल बनने के बाद यह दूरी घटकर मात्र 1 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे किसानों का समय बचेगा और परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
उपजाऊ खेतों तक आसान पहुंच
मंगई नदी के किनारे स्थित विशाल उपजाऊ खेत इस क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ हैं। लेकिन अब तक इन खेतों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं। इस सेतु के निर्माण के बाद किसानों को सीधे और आसान मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावना है। यह बदलाव क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

कई गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना से मूर्तजीपुर, हेमराजपुर, लौवाडीह, पारो, जोगामुसाहिब सहित कई गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इन गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा और लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी। यह सेतु क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगा।
भविष्य की योजनाओं का भी संकेत
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जल्द ही क्षेत्र में विद्युत उपकेंद्र (पावर सब-स्टेशन) के लिए भी धन स्वीकृत किया जाएगा। इससे क्षेत्र में बिजली की समस्या का समाधान होगा और कृषि तथा छोटे उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।
विकास की गति पर चर्चा
वक्ताओं ने कहा कि पहले वाराणसी जाने में जहां साढ़े तीन घंटे लगते थे, वहीं अब लोग इतनी ही दूरी में लखनऊ पहुंच जाते हैं। यह बदलाव क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को दर्शाता है और आने वाले समय में और भी सुधार की उम्मीद जताता है।
राजनीतिक संदेश भी रहा प्रमुख
कार्यक्रम के दौरान आगामी चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने विकास कार्यों के आधार पर जनता के समर्थन की बात कही और क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती को लेकर विश्वास जताया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे प्रमुख लोग
इस अवसर पर भांवरकोल ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि आनंद राय मुन्ना, उपजिलाधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी, हरिनारायण राय, विनोद राय, तिलकधारी राय, सत्यप्रकाश राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र त्रिपाठी ने की और संचालन राजेश राय पिंटू द्वारा किया गया।
क्षेत्रीय विकास की नई शुरुआत
राजापुर-मूर्तजीपुर लघु सेतु का निर्माण क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यह न केवल आवागमन को सरल बनाएगा, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आने वाले समय में यह परियोजना ग्रामीण विकास का एक आदर्श उदाहरण बन सकती है।
