
— RI News Desk |
उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर एक वाहन को पलटकर उसमें आग लगा दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
नोएडा, 14 अप्रैल 2026: गौतम बुद्ध नगर के नोएडा फेज-2 (होजियरी कॉम्प्लेक्स) और सेक्टर-60, 62, 84 क्षेत्रों में सोमवार (13 अप्रैल) को फैक्ट्री मजदूरों का वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, कई वाहनों में आग लगा दी और सार्वजनिक संपत्ति की तोड़फोड़ की। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख सड़कें घंटों तक जाम रहीं।
घटना का क्रम:
- मजदूर मुख्य रूप से गारमेंट और होजियरी यूनिट्स के थे। वे हरियाणा (गुरुग्राम-मानेसर) में हाल ही में हुई न्यूनतम मजदूरी में 35% बढ़ोतरी के बाद UP में समान वेतन की मांग कर रहे थे।
- वर्तमान में UP में अकुशल मजदूरों का मासिक वेतन करीब ₹11,000-13,000 था, जबकि मजदूर ₹18,000-20,000 की मांग कर रहे थे (8 घंटे की शिफ्ट सहित अन्य सुविधाएं)।
- सोमवार को प्रदर्शन उग्र हो गया। कुछ लोगों ने पुलिस वाहन समेत कई गाड़ियों में आग लगाई, पथराव किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
अब तक की स्थिति: पुलिस ने हिंसा में शामिल करीब 300-350 लोगों को गिरफ्तार किया है। 5 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। आज (मंगलवार) भी कुछ इलाकों में तनाव बना हुआ है, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी है।
सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया:
नोएडा में हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा फैसला लिया। सभी कैटेगरी के न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी कर दी गई है।
- नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी।
- विभिन्न श्रेणियों (अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल) में ₹2,000 से ₹2,928 तक की बढ़ोतरी।
- उदाहरण: अकुशल मजदूरों का वेतन ₹11,313 से बढ़कर ₹13,690 मासिक हो गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल ₹20,000 फिक्स्ड सैलरी वाली खबर गलत है। आगे स्थायी समाधान के लिए वेज बोर्ड गठित किया जाएगा।
विवादास्पद दावा:
उत्तर प्रदेश श्रम मंत्री अनिल राजभर ने हिंसा को “सुनियोजित षड्यंत्र” बताया। उन्होंने कहा कि इसमें Pakistan link की जांच चल रही है। हाल ही में नोएडा और मेरठ से पाकिस्तान हैंडलर्स से जुड़े 4 संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के संदर्भ में यह आशंका जताई गई है कि कुछ बाहरी तत्व मजदूरों के वैध आंदोलन को भड़का रहे थे।
प्रभाव और विश्लेषण:
- प्रभाव: हजारों दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हुई। कई जगह 45 मिनट का रास्ता 2 घंटे से ज्यादा लग गया। दिल्ली-NCR के बीच ट्रैफिक प्रभावित रहा।
- वास्तविक स्रोत आधार: यह खबर Times of India, The Hindu, India Today, Aaj Tak, Hindustan Times, Indian Express आदि प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मजदूरों की मुख्य शिकायत कम वेतन, महंगाई (LPG जैसी चीजों की बढ़ती कीमत) और काम की स्थितियां थीं। हरियाणा में हालिया वेतन वृद्धि ने UP के मजदूरों में असंतोष को और भड़का दिया।
- निष्कर्ष: प्रदर्शन मजदूरों की वैध मांग से शुरू हुआ, लेकिन हिंसा ने पूरे मामले को जटिल बना दिया। सरकार की त्वरित बढ़ोतरी राहत तो देगी, पर स्थायी समाधान और शांतिपूर्ण तरीके से मांगों को उठाने की जरूरत है। पाकिस्तान लिंक वाली जांच अगर सही निकली तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चेतावनी होगी।
ट्रैफिक अपडेट: अगर आप नोएडा/ग्रेटर नोएडा/दिल्ली NCR में हैं तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, सेक्टर-62, NH-24 आदि रूट्स से बचें। अल्टरनेट रूट्स का इस्तेमाल करें।
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