lauwadih / Ghazipur | RI News
गाजीपुर—एक ऐसी धरती, जिसने इतिहास में वीरता के असंख्य अध्याय लिखे, अब शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया स्वर्णिम अध्याय रचती दिखाई दे रही है। वर्ष 2026 में आयोजित “Kerala Model Education & Public School” का वार्षिक समारोह केवल एक विद्यालयीय कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह एक शैक्षिक महाकुंभ बनकर उभरा—जहाँ ज्ञान, संस्कार, संस्कृति और समाज का विराट संगम साक्षात देखने को मिला।
यह आयोजन अपने पैमाने, व्यवस्था, सहभागिता और उद्देश्य—चारों दृष्टियों से अभूतपूर्व रहा। विद्यालय की सात शाखाओं—Yusufpur, Mahuvi, Raghubarganj, Saidpur, Rewatipur, Revasara और Lauwadih—से आए छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दे दिया। लगभग 4000 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज और शिक्षा के बीच गहरे विश्वास का उत्सव है।
🏆 नन्हे कदम, बड़े सपने: Junior Champ में इतिहास

इस भव्य समारोह का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य वह था, जब Nursery से UKG तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया।
“Gyan Kerala Junior Champ” के अंतर्गत प्रत्येक शाखा के बच्चों को ₹10,500 की नगद राशि प्रदान की गई। इस प्रकार सातों शाखाओं में कुल ₹73,500 की राशि इन नन्ही प्रतिभाओं को सम्मान स्वरूप भेंट की गई।
यह केवल पुरस्कार नहीं था—यह उस विश्वास का प्रतीक था कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। छोटे-छोटे बच्चों की चमकती आँखों में भविष्य के बड़े सपनों की झलक साफ दिखाई दे रही थी। मंच पर खड़े ये नन्हे विजेता केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की उम्मीद बनकर सामने आए।
🏆 मेहनत का महापर्व: Gyan Kerala Exam में ऐतिहासिक पुरस्कार
कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण आयाम रहा “Gyan Kerala Exam”, जिसमें कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को उनकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर सम्मानित किया गया।
- 🥇 प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000
- 🥈 द्वितीय पुरस्कार: ₹51,000
- 🥉 तृतीय पुरस्कार: ₹25,000
ग्रामीण परिवेश में इस स्तर का पुरस्कार वितरण न केवल दुर्लभ है, बल्कि यह शिक्षा के प्रति एक क्रांतिकारी दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। यह पहल छात्रों के भीतर उत्कृष्टता की भूख जगाने का कार्य कर रही है—जहाँ शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान बनाने का साधन बनती जा रही है।
🎭 संस्कृति की रंगत: हर शाखा ने रचा अपना इतिहास
जब मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, तो ऐसा लगा मानो गाजीपुर की पूरी सांस्कृतिक आत्मा जीवंत हो उठी हो।
सातों शाखाओं के विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ दीं—नृत्य, संगीत, नाटक और विविध सांस्कृतिक झलकियाँ। हर प्रस्तुति में मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का अद्भुत संतुलन देखने को मिला।
Lauwadih से लेकर Yusufpur तक, हर शाखा ने यह साबित किया कि प्रतिभा किसी एक स्थान की नहीं होती—बल्कि अवसर मिलने पर हर बच्चा चमक सकता है।
👨🏫 शिक्षक: मौन शिल्पकार, जो भविष्य गढ़ते हैं
इस पूरे आयोजन की सफलता के पीछे यदि कोई सबसे मजबूत स्तंभ है, तो वह हैं—शिक्षक।
बच्चों की हर प्रस्तुति, हर उपलब्धि और हर आत्मविश्वास के पीछे शिक्षकों की अनदेखी मेहनत छिपी हुई थी। उन्होंने केवल पढ़ाया नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानकर उन्हें मंच तक पहुंचाया।
आज के समय में जब शिक्षा को केवल अंकों तक सीमित कर दिया गया है, ऐसे में यह मॉडल यह सिखाता है कि असली शिक्षा वही है जो व्यक्तित्व का निर्माण करे।
🏫 प्रबंधन: जब विज़न बड़ा हो, तो आयोजन इतिहास बन जाता है
Kerala Model Education का प्रबंधन इस पूरे आयोजन में एक दूरदर्शी नेतृत्व के रूप में सामने आया।
MD श्री Shyam Jaiswal के नेतृत्व में यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि एक विचारधारा का प्रदर्शन बन गया—जहाँ शिक्षा को खर्च नहीं, बल्कि भविष्य का निवेश माना गया।
इतने बड़े स्तर पर पुरस्कार वितरण, 4000 लोगों के लिए भोजन व्यवस्था, और कार्यक्रम की अनुशासित भव्यता यह साबित करती है कि जब प्रबंधन का विज़न स्पष्ट और उदार हो, तो सीमाएँ स्वतः समाप्त हो जाती हैं।
👥 जनसहभागिता: जब समाज जुड़ता है, तब शिक्षा आंदोलन बनती है
इस आयोजन में लगभग 4000 लोगों की उपस्थिति केवल एक संख्या नहीं, बल्कि एक संदेश है—कि अब समाज शिक्षा के महत्व को समझ रहा है।
अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी, उनकी उत्सुकता और गर्व यह दर्शाता है कि वे अपने बच्चों के भविष्य को लेकर सजग हैं। कार्यक्रम में सभी के लिए भोजन की व्यवस्था ने इस आयोजन को एक पारिवारिक उत्सव में बदल दिया।
🎖️ मुख्य अतिथि: प्रेरणा के स्वर
इस अवसर पर समाज सेविका Meera Rai और मोहम्मदाबाद नगर पालिका के चेयरमैन Rais Ansari की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं और बच्चों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देते हैं।
📊 गाजीपुर में शिक्षा का नया इतिहास
यह आयोजन केवल एक वार्षिक समारोह नहीं, बल्कि गाजीपुर के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ है।
यह उस बदलाव का संकेत है, जहाँ गाँवों के बच्चे अब केवल सीमित अवसरों तक नहीं, बल्कि बड़े मंचों तक पहुंचने लगे हैं।
✍️ निष्कर्ष: एक कार्यक्रम नहीं, एक आंदोलन
Kerala Model Education का यह आयोजन एक संदेश देता है—
कि जब शिक्षा को सही दिशा, सही नेतृत्व और समाज का सहयोग मिलता है, तो वह केवल किताबों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि एक आंदोलन बन जाती है।
गाजीपुर की इस धरती पर बोया गया यह शैक्षिक बीज आने वाले वर्षों में हजारों सपनों को आकार देगा—और यही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।
✍️ Byline
— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur
📅 Date: 28 March 2026
