— National News Desk | RI News March 24, 2026

Iran Israel War 2026: मध्य-पूर्व में जारी ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारत ने स्पष्ट रूप से शांति का पक्ष लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत कर तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाली पर जोर दिया। इस बीच ईरान-इजराइल युद्ध में मिसाइल-ड्रोन हमलों और LNG संकट की स्थिति ने वैश्विक चिंता और बढ़ा दी है।
मोदी–ट्रम्प बातचीत में क्या हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी और ट्रम्प के बीच हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने स्थिति को नियंत्रण में रखने और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा की। भारत ने साफ किया कि वह किसी भी सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर चिंता
बातचीत में Strait of Hormuz को खुला रखने पर भी जोर दिया गया। यह मार्ग दुनिया के तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके प्रभावित होने से भारत समेत कई देशों पर असर पड़ सकता है।
ट्रम्प का दावा बनाम ईरान का इनकार
जहां ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के साथ “बहुत अच्छी बातचीत” चल रही है, वहीं ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने इनकार करते हुए कहा कि कोई वार्ता नहीं हो रही है।
जमीनी स्थिति: हमले जारी
स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं, जबकि इजराइल और उसके सहयोगी भी जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। कई इलाकों में नागरिकों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।
वैश्विक असर: तेल और अर्थव्यवस्था पर दबाव
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है और आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
निष्कर्ष
फिलहाल स्थिति यह है कि एक ओर शांति की बात हो रही है, लेकिन दूसरी ओर जमीनी स्तर पर युद्ध लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत की संतुलित नीति और शांति की अपील वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
