
१. भारत AI समिट 2026 : दूसरे दिन व्यवस्था सुधरी, लेकिन पहले दिन की गड़बड़ियां चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित यह ५-दिवसीय समिट (१६-२० फरवरी) भारत मंडपम, नई दिल्ली में चल रहा है। पहले दिन भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने माफी मांगी। दूसरे दिन (१८ फरवरी) ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई, और SAHI (AI in Healthcare) जैसी पहल लॉन्च होने वाली हैं। पीएम मोदी ने कहा – भारत को टॉप ३ एआई सुपरपावर बनना चाहिए, और यह समिट पब्लिक गुड के लिए एआई का इस्तेमाल सुनिश्चित करेगा।
विश्लेषण: यह समिट ग्लोबल साउथ में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हो रहा है, जिसमें ६००+ स्टार्टअप्स और १३ देशों के पवेलियन हैं। पहले दिन की गड़बड़ियां प्लानिंग की कमी दिखाती हैं, लेकिन दूसरे दिन सुधार से उम्मीद बंधी है। विपक्ष ने ‘मिसमैनेजमेंट’ का आरोप लगाया।
प्रभाव: आम आदमी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और नौकरियों में एआई से बड़ा बदलाव आ सकता है, लेकिन अगर इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर रहा तो डिजिटल डिवाइड बढ़ेगा। कानपुर-यूपी जैसे इलाकों में स्टार्टअप्स और जॉब्स का मौका बढ़ सकता है।
स्रोत: The Hindu – Morning Digest: February 18, 2026
२. पीएम मोदी और फ्रेंच राष्ट्रपति मैक्रों की मुलाकात: भारत-फ्रांस संबंध ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ बने फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों १७-१९ फरवरी के दौरे पर हैं। मुंबई में पीएम मोदी ने उनका स्वागत किया, दोनों ने भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर २०२६ का उद्घाटन किया। H125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन लॉन्च हुई, और राफेल जेट्स सहित डिफेंस, एआई, ट्रेड पर कई समझौते हुए। संबंधों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ अपग्रेड किया गया। यूक्रेन और गाजा पर डायलॉग की बात हुई।
विश्लेषण: यह विजिट सिर्फ डिफेंस डील (संभावित €३० बिलियन राफेल) नहीं, बल्कि एआई, इनोवेशन और ग्लोबल स्टेबिलिटी पर फोकस है। मैक्रों का पर्सनल टच (मुंबई जॉग, २६/११ श्रद्धांजलि) से रिश्ता मजबूत दिखता है।
प्रभाव: यूपी-कानपुर जैसे इंडस्ट्रियल एरिया में हेलीकॉप्टर/एआई मैन्युफैक्चरिंग से हजारों नौकरियां आ सकती हैं। सुरक्षा मजबूत होगी, लेकिन ग्लोबल टेंशन्स में भारत की बैलेंसिंग पॉलिसी टेस्ट होगी।
PM India – India–France Joint Statement
३. बांग्लादेश में तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बने: शपथ ग्रहण के साथ राजनीतिक बदलाव पूरा बीएनपी नेता तारिक रहमान को १७ फरवरी को ढाका में प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। यह २०२४ की छात्र-नेतृत्व वाली क्रांति के बाद पहली चुनी हुई सरकार है, जिसमें बीएनपी ने भारी बहुमत से जीत हासिल की। अंतरिम सरकार के नेता मुहम्मद यूनुस ने सत्ता सौंपी।
विश्लेषण: ‘बेगमों की लड़ाई’ का दौर खत्म होने का संकेत, लेकिन स्थिरता अभी चुनौतीपूर्ण है। तारिक रहमान का एक्साइल से वापस आना बड़ा मोड़ है। भारत के लिए पड़ोसी नीति का महत्वपूर्ण टेस्ट।
प्रभाव: यूपी-बिहार बॉर्डर पर माइग्रेशन और सिक्योरिटी पर असर पड़ सकता है। अगर स्थिरता आई तो ट्रेड और इकोनॉमी बूस्ट मिलेगा, वरना अशांति फैल सकती है।
स्रोत: The Guardian – Tarique Rahman sworn in as Bangladeshi prime minister
