— Saranash Kumar | National & Business Correspondent, Lucknow
प्रकाशित: 28 अप्रैल 2026
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026: भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी और कुख्यात ड्रग तस्कर सलीम डोला को भारत लाया गया है। इस कार्रवाई को वैश्विक स्तर पर फैले ड्रग और संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कौन है सलीम डोला?
सलीम डोला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और अंडरवर्ल्ड गतिविधियों से जुड़ा रहा है। उसे दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क का अहम सदस्य माना जाता है, जो विभिन्न देशों में फैले गैरकानूनी कारोबार से जुड़ा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से उसकी तलाश में थीं।
कैसे हुई कार्रवाई?
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कई देशों की एजेंसियों के सहयोग से संभव हो पाई। सलीम डोला को पहले हिरासत में लिया गया और फिर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत लाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में खुफिया एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की अहम भूमिका रही।
जांच एजेंसियों को क्या मिल सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि सलीम डोला से पूछताछ के दौरान दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क, ड्रग तस्करी के रूट, हवाला लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में कई अहम खुलासे हो सकते हैं। इससे देश और विदेश में सक्रिय कई अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
विश्लेषण
यह कार्रवाई दिखाती है कि भारत अब संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सख्ती से काम कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में एजेंसियों ने सहयोग बढ़ाया है, जिससे ऐसे अपराधियों को पकड़ना आसान हुआ है।
प्रभाव
इस घटनाक्रम का सीधा असर देश की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसने से युवाओं को नशे से बचाने में मदद मिलेगी और अपराध दर पर भी नियंत्रण संभव है। साथ ही, यह संदेश भी जाएगा कि भारत किसी भी अपराधी को बख्शने वाला नहीं है, चाहे वह कहीं भी छिपा हो।
स्रोत: Hindustan Times