दिल्ली के प्रसिद्ध होटल, ढाबे और रेस्तरां इन दिनों भारी संकट से जूझ रहे हैं। सरकार बार-बार दावा कर रही है कि LPG सप्लाई सामान्य है, लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। कई रेस्तरां आधे से ज्यादा समय रसोई बंद रखने को मजबूर हैं।
विस्तृत विश्लेषण: पिछले कुछ हफ्तों से कमर्शियल LPG सिलेंडर (१९ किलो) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार वेस्ट एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्या मुख्य कारण हैं। दिल्ली में एक सिलेंडर की आधिकारिक कीमत ₹१८०० के आसपास है, लेकिन ब्लैक मार्केट में यह ₹२५०० से ₹३२०० तक पहुंच गया है।
छोटे और मध्यम रेस्तरां सबसे ज्यादा परेशान हैं। कई मालिक रोजाना सुबह ४-५ घंटे सिलेंडर की तलाश में घूम रहे हैं। कुछ रेस्तरां ने मेन्यू छोटा कर दिया है, कुछ ने शाम के ऑर्डर बंद कर दिए हैं। बड़े होटल PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) पर स्विच कर रहे हैं, लेकिन छोटे ढाबों के पास यह विकल्प नहीं है। दिल्ली होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन (DHROA) ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रभाव: यह संकट सिर्फ रेस्तरां मालिकों तक सीमित नहीं है। हजारों वेटर, कुक और सहायक स्टाफ की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। दिल्ली की खाने-पीने की संस्कृति और पर्यटन उद्योग को बड़ा नुकसान हो रहा है। बाहर से आने वाले पर्यटक और ऑफिस गोअर्स को अच्छे खाने के विकल्प कम मिल रहे हैं। खाने की कीमतों में १०-१५% की बढ़ोतरी देखी जा रही है। अगर यह संकट लंबा चला तो कई छोटे रेस्तरां स्थायी रूप से बंद हो सकते हैं।
निष्कर्ष: सरकार को कमर्शियल LPG की प्राथमिकता बढ़ानी चाहिए और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लंबे समय में दिल्ली के सभी रेस्तरां को PNG कनेक्शन उपलब्ध कराना जरूरी है। रेस्तरां मालिकों को भी वैकल्पिक ईंधन के विकल्पों पर विचार करना चाहिए। दिल्ली की स्वादिष्ट खाने की पहचान को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
आप क्या सोचते हैं? क्या सरकार को और सख्ती करनी चाहिए या रेस्तरां वाले खुद तैयारी करें? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।
स्रोत: Hindustan Times, Times of India & DHROA रिपोर्ट (27 अप्रैल 2026) |
Rinews Desk | 27 अप्रैल 2026