पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक नवदंपत्ति का निजी वीडियो वायरल होने के बाद बड़ा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, लखनऊ का एक जोड़ा टोल प्लाजा से पहले अपनी कार रोककर निजी समय बिता रहा था। इसी दौरान एक्सप्रेसवे के एंटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) में तैनात असिस्टेंट मैनेजर आशुतोष सरकार ने कैमरे से उनकी पूरी गतिविधि रिकॉर्ड कर ली।
आरोप है कि वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आशुतोष मौके पर पहुंचा और जोड़े को धमकाकर 32 हजार रुपये वसूले। डर की वजह से दोनों ने रकम दे दी, लेकिन इसके बावजूद आरोपी ने वीडियो को वायरल कर दिया। इसके बाद यह वीडियो पब्लिक डोमेन तक पहुंच गया।
कई और पीड़ित सामने आए
इस मामले के सामने आने के बाद पता चला कि यह जोड़ा अकेला शिकार नहीं है। 5–6 पीड़ितों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुल्तानपुर के डीएम-एसपी और एक्सप्रेसवे के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजा है।
शिकायतकर्ताओं ने सबूत भी जमा किए हैं, जिनमें कहा गया है कि आरोपी आशुतोष एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की लगातार निगरानी करता था और जहां भी कोई निजी गतिविधि दिखती, उसका वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था।
इसके बाद वह संबंधित लोगों के पास जाकर वसूली और ब्लैकमेलिंग करता था।
ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों के भी फुटेज रिकॉर्ड करने के आरोप
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने टोल प्लाजा के आसपास स्थित तीन गांवों की कई महिलाओं और लड़कियों के भी फुटेज रिकॉर्ड किए और उनसे भी कथित रूप से ब्लैकमेल किया।
प्रशासनिक स्तर पर मामले की गम्भीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है। आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
वाराणसी डेस्क – योगेश राय
